
केएस रावत। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो किसी रहस्यमयी घटना नहीं, बल्कि उत्तराखंड के ही एक बेहद प्रसिद्ध और पूजनीय संत की तपस्या का है। भगवान शिव की भक्ति में लोग न जाने क्या-क्या करते हैं, उनके लिए उपवास रखते हैं, मंदिर की कतारों में लगते हैं। लेकिन क्या ऐसा भक्त भी होगा जो बैठे ही न। ऐसा भक्त है। ये मूल रूप से हरियाणा के पानीपत जिले के रहने वाले हैं, लेकिन संन्यासी बनने के बाद ये महादेव की भक्ति में लीन हो गये हैं और गुप्तकाशी को इन्होंने अपनी तपोभूमि बना लिया है।
कौन हैं ये संत और कहां का है वीडियो
वीडियो में दिख रहे संत का नाम खड़े श्री बाबा (या खड़े बाबा) है। यह वीडियो उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित विश्वनाथ मंदिर, गुप्तकाशी (जो कि केदारनाथ धाम के यात्रा मार्ग पर स्थित है) का है।
क्या है 12 साल तक खड़े रहने का सच
सोशल मीडिया के दावों (कि वे 12 साल से एक ही जगह पर बिना हिले-डुले खड़े हैं) में थोड़ी अतिशयोक्ति है, लेकिन उनकी तपस्या बिल्कुल सच है। बाबा ने खड़ी तपस्या का संकल्प लिया हुआ है। इस कठिन साधना के अंतर्गत साधक सालों तक न तो बैठता है और ही लेटता है। वे सोते, खाते और भगवान शिव की आराधना करते समय हमेशा खड़े ही रहते हैं। सोने या आराम करने के लिए वे एक विशेष झूले या रस्सी का सहारा लेते हैं, जिस पर वे अपनी बाहें टिकाकर खड़े-खड़े ही सो जाते हैं। ये पिछले 12 सालों से खड़े हैं, न बैठने की वजह से उनके पैरों का जो हाल हुआ है वो परेशान करने वाला है।
भगवान शिव से मिलने के लिए पढ़ाई ही छोड़ दी
दावा किया जा रहा है कि इन्होंने भगवान शिव की भक्ति में यूनिवर्सिटी की पढ़ाई ही छोड़ दी थी। वीडियो में उन्हें जटाओं के साथ भगवा कपड़ों में देखा जा सकता है। महाराज ने ऐसा क्यों किया। इस सवाल के जवाब में बताया जा रहा है कि वो एक बार भगवान शिव से मिलना चाहते हैं। सिर्फ इसलिए सालों से खड़ें हैं। देखिये वीडियो….
In India, a man has been standing in one place for five years as a vow to the god Shiva
He does not sit or stretch his legs and sleeps while supported by a special harness.
His legs have become severely swollen and darkened due to poor blood circulation, and temple volunteers… pic.twitter.com/fc0rIttXJ1
— NEXTA (@nexta_tv) June 14, 2026



