बागेश्वर की प्रेमा रावत का महिला T20 World Cup में चयन, विश्व कप के मंच चमकेगा अब पहाड़ का नाम

देहरादून, 20 जून। उत्तराखंड के बागेश्वर जिले की रहने वाली प्रतिभावान क्रिकेटर प्रेमा रावत ने भारतीय टी-20 विश्व कप टीम में जगह बनाकर राज्य का नाम रोशन किया है. उनकी इस उपलब्धि को उत्तराखंड क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है. टीम इंडिया की जर्सी पहनकर विश्व क्रिकेट के सबसे बड़े मंच पर उतरने जा रही प्रेमा की इस उपलब्धि ने पूरे उत्तराखंड को गौरवान्वित किया है. उनके चयन की खबर सामने आने के बाद खेल जगत, क्रिकेट प्रेमियों और युवा खिलाड़ियों में खुशी की लहर है.
बीसीसीआई के पूर्व उपाध्यक्ष माहिम वर्मा, क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड (सीएयू) की सचिव किरण रौतेला वर्मा और सीएयू अध्यक्ष दीपक मेहरा ने प्रेमा को बधाई देते हुए इसे उत्तराखंड क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया है. सभी ने विश्वास जताया है कि प्रेमा विश्व कप में अपने प्रदर्शन से भारतीय टीम को मजबूती प्रदान करेंगी और देश के साथ-साथ उत्तराखंड का नाम भी रोशन करेंगी.
हॉकी से शुरू हुआ सफर, क्रिकेट में बनाई पहचान
12 नवंबर 2001 को जन्मीं प्रेमा रावत की खेल यात्रा बेहद प्रेरणादायक रही है. बहुत कम लोग जानते हैं कि उन्होंने अपने खेल करियर की शुरुआत क्रिकेट से नहीं बल्कि हॉकी से की थी. शुरुआती दिनों में वह एक समर्पित हॉकी खिलाड़ी थीं और राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी थीं.
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के एक छोटे से गांव से आने वाली प्रेमा के लिए खेलों में आगे बढ़ना आसान नहीं था. उनके क्षेत्र में हॉकी के लिए सीमित संसाधन और करियर के कम अवसर थे. ऐसे में परिवार विशेषकर उनके भाई ने उन्हें क्रिकेट की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया. बचपन से क्रिकेट को करीब से देखने वाली प्रेमा ने इस चुनौती को स्वीकार किया और जल्द ही अपनी मेहनत तथा प्रतिभा के दम पर क्रिकेट में पहचान बनानी शुरू कर दी. आज उनकी यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत निरंतर जारी रहे तो सीमित संसाधन भी सपनों को रोक नहीं सकते.
इंडिया-ए से टीम इंडिया तक का सफर
घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छे प्रदर्शन के बाद प्रेमा को इंडिया-ए टीम में मौका मिला. यहां भी उन्होंने अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं को प्रभावित किया. पिछले वर्ष आयोजित विमेंस एशिया कप राइजिंग स्टार्स टूर्नामेंट में उन्होंने पांच मैचों में 8 विकेट हासिल किए. इस दौरान उनकी इकॉनमी 4.27 रही, जबकि गेंदबाजी औसत 9.62 का रहा, जो उनकी प्रभावशीलता को दर्शाता है.
उत्तराखंड के लिए गर्व और युवाओं के लिए प्रेरणा
प्रेमा रावत का भारतीय टी-20 विश्व कप टीम में चयन केवल एक खिलाड़ी की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह उत्तराखंड क्रिकेट की बढ़ती ताकत और राज्य की उभरती प्रतिभाओं का भी प्रमाण है. बागेश्वर के एक छोटे से गांव से निकलकर विश्व कप टीम तक पहुंचने का उनका सफर हजारों युवा खिलाड़ियों, खासकर बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है.
सीएयू पदाधिकारियों का कहना है कि प्रेमा की सफलता राज्य के युवा खिलाड़ियों को बड़े सपने देखने और उन्हें हासिल करने का आत्मविश्वास देगी. अब पूरे उत्तराखंड और देश की निगाहें विश्व कप में उनके प्रदर्शन पर टिकी होंगी. क्रिकेट प्रेमियों को उम्मीद है कि प्रेमा अपने शानदार खेल से भारतीय टीम को खिताब की दौड़ में मजबूत बनाएंगी और विश्व मंच पर उत्तराखंड का गौरव बढ़ाएंगी.
कठिन रास्तों पर चलकर ही मंजिल आसान होती है। मेहनत सच्ची हो तो किस्मत भी मेहरबान होती है।
टी20 वर्ल्ड कप की टीम में चयन तो बस शुरुआत है, पहाड़ की इस बेटी में छिपी विश्व विजेता की बात है।।



