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हेमकुंड साहिब यात्रा के बीच कर्णप्रयाग में धारा 163 लागू, नगरासू गुरुद्वारे पर भारी पुलिस बल तैनात

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कर्णप्रयाग, 21 जून। हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान उत्तराखंड में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है. चमोली जिले के कर्णप्रयाग में जिला प्रशासन ने धारा 163 लागू कर दी है. यह फैसला हाल ही में स्थानीय लोगों और निहंग श्रद्धालुओं के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद एहतियात के तौर पर लिया गया है. प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना और यात्रियों की सुरक्षा उसकी प्राथमिकता है.

प्रशासन के अनुसार, कर्णप्रयाग क्षेत्र में किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है. धारा 163 लागू होने के बाद सुरक्षा एजेंसियों को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है. उधर, रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू स्थित गुरुद्वारे को लेकर भी शनिवार शाम तनावपूर्ण स्थिति बन गई. गुरुद्वारे में मौजूद करीब एक दर्जन लोगों की गतिविधियों को लेकर दोपहर से विवाद चल रहा था, जिसके बाद प्रशासन ने मौके पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी.

नगरासू गुरुद्वारे के बाहर भारी पुलिस बल तैनात
जिला प्रशासन ने बताया कि शाम के समय गुरुद्वारे की लाइटें बंद कर दी गई थीं, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गईं. यात्रियों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा को देखते हुए गुरुद्वारे के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया.

प्रशासन के मुताबिक, मौके पर 30 से 40 पुलिसकर्मी और दो दर्जन से अधिक आईटीबीपी जवान तैनात हैं. रुद्रप्रयाग के एसडीएम, तहसीलदार और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी लगातार मौके की निगरानी कर रहे हैं. प्रशासन ने कहा कि स्थिति पर पूरी नजर रखी जा रही है और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की गई है.

अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त बल मौजूद है. फिलहाल हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है.

इसे धार्मिक विवाद का रूप न दें : सरकार
उत्तराखंड सरकार ने स्पष्ट किया है कि हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान सामने आया यह विवाद किसी भी स्थिति में धार्मिक विवाद नहीं माना जाना चाहिए. सरकार ने चेतावनी दी है कि मामले को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

राज्य के गृह सचिव शैलेश बगोली ने कहा कि प्रारंभिक जांच में यह मामला दो पक्षों के बीच भावनात्मक प्रतिक्रिया और आपसी मतभेद से जुड़ा प्रतीत होता है. इसे धार्मिक विवाद के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सभी धर्मों और आस्थाओं का सम्मान करता है तथा राज्य की संस्कृति हमेशा शांति, सौहार्द और आपसी सम्मान पर आधारित रही है. गृह सचिव ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए गढ़वाल के आईजी को निर्देश दिए गए हैं. वहीं, कानून-व्यवस्था के एडीजी से भी पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है. सरकार का कहना है कि सभी पक्षों को सुनने के बाद तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी

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