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‘हर-हर महादेव’ के जयकारों के साथ उत्तराखंड के टनकपुर से कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए पहला दल रवाना

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चंपावत, 5 जुलाई, 26. उत्तराखंड से कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 का शुभारंभ हो गया है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टनकपुर के पर्यटक आवास गृह से पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर अगले पड़ाव के लिए रवाना किया. इस जत्थे में 49 श्रद्धालु शामिल हैं. सीएम धामी ने सभी श्रद्धालुओं को भोलेनाथ की पट्टिका और रुद्राक्ष की माला भेंट कर उनकी सुरक्षित, सफल एवं मंगलमय यात्रा की कामना की.

उत्तराखंड से कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 का शुभारंभ
उत्तराखंड से संचालित पवित्र कैलाश मानसरोवर यात्रा का शुभारंभ आज यानी 5 जुलाई को चंपावत जिले के टनकपुर से हो गया है. जिसके तहत कैलाश मानसरोवर यात्रा के पहले दल को सीएम पुष्कर धामी ने हरी झंडी दिखाकर कर अगले पड़ाव के लिए रवाना किया. मानसरोवर यात्रियों का यह दल टनकपुर से पिथौरागढ़, फिर धारचूला से गूंजी होते हुए लिपुलेख दर्रे से चीन (तिब्बत) स्थित कैलाश मानसरोवर पहुंचेगा. जहां पर उनकी यह धार्मिक यात्रा पूरी होगी.

कैलाश मानसरोवर यात्रा के पहले दल में डॉक्टर समेत 49 तीर्थयात्री शामिल हैं, जिनमें 34 पुरुष और 15 महिला तीर्थयात्री हैं. इस दल में आंध्र प्रदेश, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के श्रद्धालु शामिल हैं. जो भारत की सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता का सशक्त उदाहरण पेश करते हैं.
– मनोज कुमार, प्रबंधक, शारदा पर्यटक आवास गृह, टनकपुर

कैलाश मानसरोवर यात्रा सीमांत क्षेत्रों के लिए विकास और समृद्धि का जरिया भी है. यह यात्रा सीमांत गांवों की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं के साथ स्थानीय जीवन से देशभर के लोगों को जोड़ती है. उन्होंने श्रद्धालुओं से स्थानीय हस्तशिल्प और उत्पादों की खरीद कर स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाने का आह्वान किया. वहीं, श्रद्धालुओं ने भी राज्य सरकार की ओर से की जा रही व्यवस्थाओं की सराहनाभी की.
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

उत्तराखंड की लोक संस्कृति से रूबरू हुए यात्री
बता दें कि कैलाश मानसरोवर यात्रियों का यह दल शनिवार यानी 4 जुलाई की शाम को टनकपुर पहुंच गया था. जहां दल की देवभूमि की परंपरा के अनुरूप छोलिया नृत्य, पुष्पवर्षा, फूल-मालाओं एवं भव्य स्वागत के साथ अभिनंदन किया गया. इसके अलावा श्रद्धालुओं के लिए सांस्कृतिक संध्या का आयोजन भी किया गया, जिसमें उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति एवं लोक कलाओं की मनोहनक प्रस्तुतियां दी गईं.

कैलाश मानसरोवर यात्रियों में 21 से 68 साल के यात्री शामिल
कैलाश यात्रियों के इस दल के साथ तमिलनाडु के अरुण कुमार बतौर डॉक्टर के रूप में शामिल हैं. राजस्थान के 68 साल के पुरुषोत्तम खंडेलवाल दल के सबसे वरिष्ठ तीर्थयात्री हैं. जबकि, गुजरात के 21 साल के हरिकृष्णा सबसे युवा श्रद्धालु इस यात्रा पर जा रहे हैं. ‘हर-हर महादेव’ एवं ‘बम-बम भोले’ के जयघोष के साथ यह पहला दल रवाना हुआ. गौर हो कि लगातार दूसरे साल कैलाश मानसरोवर यात्रा का संचालन टनकपुर मार्ग से किया जा रहा है.

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