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यमकेश्वर में हादसा होते-होते बचा, गदेरे में धंसी कार; विंध्यवासिनी मंदिर गए श्रद्धालुओं की अटकी सांसें

यमकेश्वर, 30 जुलाई, 26. बरसात में उफान पर आए गदेरे को पार करने की कोशिश गाजियाबाद से आए श्रद्धालुओं पर भारी पड़ गई। विंध्यवासिनी मंदिर मार्ग पर बुधवार शाम श्रद्धालुओं का वाहन तीन से चार फीट गहरे दलदल और तेज बहाव वाले गदेरे में फंस गया। हालांकि समय रहते सभी श्रद्धालु सुरक्षित बाहर निकल आए और बड़ा हादसा टल गया। करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद जेसीबी की सहायता से वाहन को बाहर निकाला गया।

शाम को मां विंध्यवासिनी के दर्शनार्थ जा रहे थे श्रद्धालु
जानकारी के अनुसार श्रद्धालु विंध्यवासिनी मंदिर के दर्शन के लिए जा रहे थे। शाम करीब चार बजे विंध्यवासिनी-गंगा भोगपुर मार्ग पर मंदिर से लगभग 100 मीटर पहले तेज बहाव वाले गदेरे को पार करते समय वाहन दलदल में धंस गया। देखते ही देखते मटमैले पानी के तेज बहाव में वाहन आधा डूब गया। वाहन में सवार लोग स्थानीय लोगों से मदद के लिए चिल्लाये। सूचना मिलने पर जेसीबी मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद वाहन को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

प्रशासन ने पहले ही जारी की थी एडवाइजरी
विंध्यवासिनी मंदिर के पास त्याडो और ताल नदियों का संगम होने के कारण मानसून के दौरान यहां जलस्तर तेजी से बढ़ जाता है। घाटी के कई नाले और गदेरे भी बरसात में उफान पर रहते हैं। मंदिर क्षेत्र के आसपास नदी किनारे संचालित दर्जनों रिजॉर्ट और कैंप हर वर्ष बाढ़ के खतरे की जद में रहते हैं।

पहाड़ी क्षेत्रों में बरसात के दौरान नदियों और गदेरों का जलस्तर कभी भी अचानक बढ़ सकता है। ऐसे में पर्यटक और श्रद्धालु किसी भी स्थिति में उफनते गदेरों को पार करने का प्रयास न करें। उन्होंने बताया कि प्रशासन की ओर से 20 जून को ही एडवाइजरी जारी कर नदी किनारे स्थित होटल, रिजॉर्ट और कैंप संचालकों को बरसात के दौरान पर्यटकों को न ठहराने के निर्देश दिए गए हैं। निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
चतर सिंह चौहान, एसडीएम, यमकेश्वर

आज भी 7 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, रुद्रप्रयाग के स्कूल आज बंद
भारत मौसम विज्ञान विभाग के जारी पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर व पिथौरागढ़ जनपदों के कुछ क्षेत्रों में 31 जुलाई को भारी वर्षा के कारण जलभराव, फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) की आशंका व्यक्त की गई है। इसे देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी संबंधित जनपदों के जिला प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा की ओर से जारी आदेश के अनुसार जिले के कक्षा एक से 12 तक संचालित सभी सरकारी, अर्द्धसरकारी और निजी विद्यालयों के साथ ही सभी आंगनबाड़ी केंद्र शुक्रवार को बंद रहेंगे।

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