
कोटद्वार, 10 अक्टूबर, 26. गढ़वाल मोटर ऑनर्स यूनियन लिमिटेड (GMOU) में वित्तीय अनियमितताओं का एक और मामला सामने आया है. कंपनी प्रबंधन की आंतरिक जांच में वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान करीब 1.81 करोड़ रुपए की कथित अनियमितता का खुलासा हुआ है. आरोप है कि फर्जी प्रार्थना पत्र, वाउचर, वाहन स्वामियों के नाम पर तैयार दस्तावेज और काल्पनिक खर्चों के आधार पर कंपनी की धनराशि का भुगतान दर्शाया गया. मामले में कंपनी प्रबंधन ने कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस उपाधीक्षक को तहरीर सौंपी है.
GMOU के संयुक्त सचिव नितिन रावत की ओर से दी गई शिकायत में वित्तीय वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 के दौरान हुई कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है.
रिपोर्ट में वित्तीय अनियमितताओं का जिक्र
शिकायत के अनुसार कोटद्वार स्थित कंपनी मुख्यालय में कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों और वाउचर के आधार पर भुगतान दिखाकर कंपनी के खजाने से धनराशि निकाली गई. कंपनी की जांच समिति की 17 सितंबर 2026 को तैयार रिपोर्ट और विशेष मुख्य लेखा अधिकारी की 6 अक्तूबर 2026 की रिपोर्ट में वित्तीय अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है.
भूमिका भी जांच की मांग
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कंपनी के कुछ पदाधिकारियों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने आपसी मिलीभगत से फर्जी नामों, वाहन स्वामियों के नाम पर तैयार कागजात और काल्पनिक खर्चों के आधार पर भुगतान दर्शाए. इस मामले में पूर्व चेयरमैन, तत्कालीन महाप्रबंधक, तत्कालीन सहायक लेखाधिकारी, लेखा लिपिक, कैशियर और स्टेशन इंचार्ज की भूमिका भी जांच के दायरे में बताई गई है. हालांकि, आरोपों की पुष्टि और संबंधित व्यक्तियों की जिम्मेदारी का निर्धारण पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा.
कंपनी की जमीन को खुर्द-बुर्द करने का आरोप
जीएमओयू में मार्च 2025 में भी इसी तरह की वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया था. इसके अलावा एक दिन पहले ही कंपनी की जमीन को खुर्द-बुर्द किए जाने के मामले में क्षेत्राधिकारी की जांच के बाद कोतवाली पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. ऐसे में कंपनी से जुड़े वित्तीय और संपत्ति संबंधी मामलों को लेकर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है.
3.85 करोड़ रुपये के कथित गबन का जिक्र
शिकायत में वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 के दौरान 3.85 करोड़ रुपये के कथित गबन का भी उल्लेख किया गया है. इन आरोपों की विस्तृत जांच और धनराशि के वास्तविक हिसाब का सत्यापन होना बाकी है. पुलिस कार्रवाई के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
प्रकाशन से पहले एक जरूरी तथ्य-जांच
मूल जानकारी में वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए 1.81 करोड़ रुपये और वर्ष 2023-24 व 2024-25 के लिए 3.85 करोड़ रुपये का उल्लेख है. इसलिए यह स्पष्ट कर लें कि 3.85 करोड़ रुपये, 1.81 करोड़ रुपये से अलग राशि है या कुल कथित गबन का हिस्सा. शुरुआती पंक्ति में दी गई राशि भी अस्पष्ट है, इसलिए खबर में फिलहाल 1.81 करोड़ रुपये को प्रमुखता दी गई है.
कहा गया कि वाहन स्वामियों के एडवांस, डीजल फंड, दान, रिपेयरिंग, वेतन और ट्रैफिक अरेंजमेंट के नाम पर करीब 1.25 करोड़ रुपये से अधिक के भुगतान में फर्जीवाड़ा हुआ है। आरोप है कि मृत वाहन स्वामियों के नाम पर फर्जी प्रार्थना पत्र और वाउचर तैयार कर मुख्यालय स्थित कैशियर अनुभाग से रकम निकाली गई। साथ ही ऐसे कर्मचारियों के नामों का भी इस्तेमाल किया गया जो कभी उन स्थानों पर कार्यरत ही नहीं रहे थे।



