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बिथ्याणी डिग्री कालेज में रंगों और तूलिका से छात्रों ने गढ़ी ‘विकसित भारत 2047’ की परिकल्पना

यमकेश्वर, 12 अक्टूबर, 26. भारत केवल एक देश नहीं, बल्कि विविधताओं, सांस्कृतिक विरासत, वैज्ञानिक उपलब्धियों और असीम संभावनाओं से परिपूर्ण एक राष्ट्र है। वर्ष 2047 में स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूर्ण होने तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प प्रत्येक नागरिक की सहभागिता, युवाओं की ऊर्जा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और रचनात्मक सोच से ही साकार हो सकता है। इसी दूरदर्शी परिकल्पना को केंद्र में रखते हुए महायोगी गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय, बिथ्याणी में सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को प्रातः 10:00 बजे से 12:00 बजे तक ‘विकसित भारत 2047’ विषय पर चित्रकला एवं रंगोली प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।

​विद्यार्थियों की सृजनात्मकता में झलका नया भारत


​महाविद्यालय के प्रांगण में आयोजित इन प्रतियोगिताओं में छात्र-छात्राओं ने अत्यंत उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने अपने चित्रों एवं रंगोली के माध्यम से वर्ष 2047 के विकसित भारत के स्वपनों को जीवंत किया। उनकी कलाकृतियों में आत्मनिर्भर भारत, आधुनिक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, डिजिटल विकास और राष्ट्र की प्रगति जैसे महत्वपूर्ण विषयों की सुंदर झलक देखने को मिली। इन प्रस्तुतियों ने विद्यार्थियों की सृजनात्मक क्षमता, मौलिक सोच और कलात्मक प्रतिभा का अद्भुत प्रदर्शन किया।

​प्रतियोगिता के परिणाम एवं विजेता
​चित्रकला प्रतियोगिता में ​प्रथम अंजलि (तृतीय सेमेस्टर), ​द्वितीय प्रीति (तृतीय सेमेस्टर), और तृतीय मीनाक्षी (तृतीय सेमेस्टर) रही। इसी तरह ​रंगोली प्रतियोगिता में ​प्रथम अंजलि और प्रिया की जोड़ी, ​द्वितीय शिवांगी और सोनाली की जोड़ी और ​संयुक्त रूप से नेहा व स्वाति, तथा मीनाक्षी व प्रीति की जोड़ी तीसरे स्थान पर रही।

​मूल्यांकन एवं विशेष सहयोग
​चित्रकला प्रतियोगिता का मूल्यांकन डॉ. रितु कश्यप, डॉ. नीरज नौटियाल और श्रीमती पूजा रानी द्वारा किया गया। वहीं, रंगोली प्रतियोगिता का मूल्यांकन डॉ. हिमानी बडोनी, श्रीमती पूजा रानी और श्रीमती सीमा देवी ने किया। इस संपूर्ण कार्यक्रम के सफल संचालन में डॉ. तनुजा बिष्ट, डॉ. केशव प्रसाद डबराल और श्री नरेश राणा का विशेष सहयोग रहा।

​सर्वांगीण विकास और सेवा संकल्प सप्ताह का संदेश
​इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मकता, कलात्मक अभिव्यक्ति, आपसी सहयोग और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना था। इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का एक बेहतर मंच प्रदान करती हैं।

​’सेवा संकल्प सप्ताह’ के अंतर्गत आयोजित इस प्रतियोगिता से पूरे महाविद्यालय परिसर में एक अत्यंत उत्साहपूर्ण वातावरण बना रहा। कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को अपनी सृजनात्मक क्षमता को निखारने और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया।

​कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य एवं समस्त महाविद्यालय परिवार ने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए विजेता छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की हार्दिक कामना की।

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