
यमकेश्वर, 13 अक्टूबर, 26. यमकेश्वर ब्लाक के ठांगर गांव में शुक्रवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई है। नाना के घर आया 12 साल का बच्चा लंगूर के हमले में घायल हो गया, जिसकी बाद में एम्स में उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने बताया डॉक्टरों ने उसके दिमाग में खून का थक्का जमने की बात कही थी। इलाज के दौरान सोमवार देर रात शिवांशु ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने बताया कि लंगूर काफी समय से गांव में डेरा जमाए हुए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ठांगर गांव में एक लंगूर ने बगोड़गांव के शिवांशु पर अचानक झपटा मार दिया था, जिससे वह गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया था। परिजन उसे स्थानीय ग्रामीणों की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र यमकेश्वर ले जाया गया, जहां से हालत नाजुक देखते हुए चिकित्सकों ने उसे हायर सेंटर एम्स ऋषिकेश रेफर कर दिया। वह कोमा में चला गया था। एम्स में उपचार के दौरान शुक्रवार को शिवांश की मौत हो गई। बच्चे के मौत की खबर सुनकर पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
घटना से ग्रामीणों में आक्राेश
घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से लंगूरों का आतंक बना हुआ है। इस समस्या को लेकर कई बार वन विभाग को लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे समस्या जस की तस बनी हुई है। वन विभाग के दरोगा दाताराम ने बताया कि विभागीय स्तर पर जानकारी ली जा रही है।
लंगूर को पकड़ने के लिए वन विभाग ने सर्च आपरेशन चलाया
शिवांशु पर झपटा मारने वाले लंगूर को ट्रेंकुलाइज करने के लिए लैंसडौन वन प्रभाग के एसडीओ सुधीर कुमार के नेतृत्व में टीम ने सोमवार और मंगलवार को सर्च ऑपरेशन चलाया लेकिन लंगूर नहीं मिला। लालढांग रेंज के वन क्षेत्राधिकारी अनुराग जोशी ने बताया कि बुधवार को भी लंगूर को ढूंढने का प्रयास किया जाएगा। उसे ट्रेंकुलाइज करने के लिए अतिरिक्त दवा मंगवाई गई है।
बगौड़ गांव निवासी शिवांश पुत्र शिवांश कुछ दिन पहले अपने नाना स्वर्गीय भारत सिंह के घर ठांगर गांव आया हुआ था। बीते 9 अक्टूबर को शिवांश कुछ सामान लेने ठांगर बाजार गया था। बाजार से घर लौटते समय अचानक एक लंगूर उसके सिर पर कूद गया। हमले में शिवांश गंभीर रूप से घायल हो गया।
लक्ष्मी देवी, ग्राम प्रधान, ठांगर



