
झबरेड़ा (हरिद्वार), 1 नवम्बर. सुनहेटी आलापुर गांव की ग्राम प्रधान और उनके पति पर फर्जी स्थानांतरण प्रमाणपत्र (टीसी) तैयार कर आशा कार्यकत्री और ग्राम प्रधान बनने में इस्तेमाल करने के आरोप में पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया है।
2008 में कक्षा आठ पास की टीसी निकली फर्जी
यह मुकदमा गांव के एक ग्रामीण ने दर्ज कराया है ग्रामीण ने सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत सूचना एकत्रित कर जानकारी जुटाई थी। सुन्हेटी गांव निवासी सतीश कुमार ने इस मामले में न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की थी। जिसमें शिकायतकर्ता का आरोप है कि ग्राम प्रधान ने वर्ष 2008 में कक्षा आठ पास होने का फर्जी प्रमाणपत्र तैयार कराया और उसका इस्तेमाल पहले आशा कार्यकर्ता के पद पर लाभ लेने तथा बाद में ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ने के लिए किया।
शिकायतकर्त्ता ने बताया कि ग्राम प्रधान हिमानी ने बहादराबाद ब्लॉक के सोहलपुर गांव स्थित एक स्कूल से वर्ष 2008 का आठवीं पास की टीसी पहले आंगनबाड़ी की कार्यकत्री बनने के लिए जमा कराई थी। इसके बाद उसने टीसी ग्राम प्रधान के चुनाव में इस्तेमाल किया था।
RTI से खुली ग्राम प्रधान की पोल
सूचना अधिकार अधिनियम के तहत उसने जब जानकारी मांगी तो स्कूल प्रबंधन ने बताया कि उनके यहां से कोई टीसी जारी नहीं की गई है। शिकायतकर्त्ता ने प्रधान हिमानी और उसके पति पल्लू सिंह पर फर्जी प्रमाण पत्र का इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए पुलिस को शिकायत की थी।
आरोप है कि पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया था। इसके बाद सतीश ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। झबरेड़ा थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने ग्राम प्रधान हिमानी और उसके पति पाल्लू सिंह निवासी सुनहेटी पर प्रमाण पत्र में कूट रचना कर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।



