
उत्तरकाशी, 3 नवम्बर, 26. उत्तराखंड के उत्तरकाशी के केदारताल ट्रेक पर हिमस्खलन की चपेट में आकर लापता हुए आठ लोगों में से दो के शव बरामद कर लिए गए हैं. मंगलवार 3 नवंबर को चलाए गए सघन सर्च अभियान के दौरान रेस्क्यू टीम को एक महिला और एक पुरुष पर्वतारोही का शव मिला. हालांकि, अभी 6 अन्य लापता लोगों का कोई सुराग नहीं लग पाया है. दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र, बर्फबारी और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच रेस्क्यू टीमें लगातार उनकी तलाश में जुटी हैं. अब चार नवंबर को एक बार फिर सर्च अभियान शुरू किया जाएगा.
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक, मंगलवार सुबह करीब 7:30 बजे से केदारताल क्षेत्र में लापता लोगों की तलाश के लिए अभियान शुरू किया गया. एसडीआरएफ, नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) सहित अन्य रेस्क्यू एजेंसियों की टीमें अभियान में जुटी रहीं. कई घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के दौरान टीम को एक महिला और एक पुरुष का शव बरामद हुआ. दोपहर करीब तीन बजे तक अभियान चलाने के बाद रेस्क्यू टीम वापस बेस कैंप लौट आई. शेष 6 लोगों की तलाश के लिए बुधवार को दोबारा अभियान चलाया जाएगा.
लापता लोगों में उत्तरकाशी का गाइड सिद्धार्थ राणा भी शामिल
लापता लोगों में पश्चिम बंगाल के पांच ट्रेकर्स तपस बाउरी (30), रतन घोष (23), मनोज खोवास (39), रिंटू मंडल (40), उदय घोष (30), उत्तर प्रदेश की दो महिला ट्रेकर्स वर्तिका वर्मा (28), दीपिका वर्मा (29) और उत्तरकाशी का स्थानीय गाइड 25 वर्षीय सिद्धार्थ राणा शामिल है. हालांकि शव किनके मिले हैं, ये अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है.
हेलीपैड बनाने की तैयारी
रेस्क्यू अभियान को गति देने और दुर्गम क्षेत्र तक राहत एवं बचाव दल की पहुंच आसान बनाने के लिए घटनास्थल के समीप वैकल्पिक हेलीपैड भी तैयार किया गया है. इसके लिए समुद्रतल से करीब 4005 मीटर की ऊंचाई पर स्थान चिह्नित किया गया है. यहां हेलीकॉप्टर उतारने की व्यवस्था की जा रही है, जिससे जरूरत पड़ने पर रेस्क्यू टीम और आवश्यक उपकरणों को घटनास्थल के नजदीक पहुंचाया जा सके. इससे अभियान में लगने वाले समय को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है.
27 अक्टूबर को रवाना हुआ था 13 सदस्यीय दल
बीते 27 अक्टूबर को गंगोत्री से 7 ट्रेकर्स और 6 सपोर्टिंग स्टाफ समेत कुल 13 सदस्यीय दल केदारताल ट्रेक के लिए रवाना हुआ था. इसमें 1 कुक अगले ही दिन गंगोत्री लौट आया था. दल के अन्य सदस्यों को 29 अक्टूबर तक लौटना था. लेकिन मौसम खराब और फंसने के कारण दल समय तक नहीं पहुंच पाया.
दल को रेस्क्यू करने के लिए 30 अक्टूबर को सर्च एंड रेस्क्यू टीम ने कमान संभाली. इस दौरान टीम ने तीन पोर्टर और एक कुक को 4 हजार मीटर की ऊंचाई पर सुरक्षित बचाया और कैंप तक पहुंचाया. जबकि 7 ट्रेकर्स और एक गाइड की खोजबीन के लिए रेस्क्यू अभियान जारी रहा. अब दो शव बरामद होने के बाद भी छह लोगों की तलाश चुनौती बनी हुई है. प्रशासन और रेस्क्यू एजेंसियों की निगाहें बुधवार को प्रस्तावित अभियान पर टिकी हैं.
मंगलवार सुबह से केदारताल क्षेत्र में लापता लोगों की तलाश के लिए सर्च अभियान चलाया गया. अभियान के दौरान एक महिला और एक पुरुष के शव बरामद हुए हैं. दोपहर करीब तीन बजे तक अभियान चलाने के बाद रेस्क्यू टीम बेस कैंप लौट आई. घटनास्थल के समीप समुद्रतल से करीब 4005 मीटर की ऊंचाई पर वैकल्पिक हेलीपैड चिह्नित किया गया है, ताकि रेस्क्यू अभियान में हेलीकॉप्टर की मदद ली जा सके. बुधवार को मौसम और परिस्थितियों के अनुसार फिर से सर्च अभियान चलाकर शेष छह लापता लोगों की तलाश की जाएगी.
-शार्दुल गुसाईं, आपदा प्रबंधन अधिकारी



