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सभी शिक्षकों का डिजिटल में शिक्षित होना अनिवार्य, 31 मार्च तक करना होगा 10 घंटे का कोर्स

देहरादून, 24 फरवरी। प्रदेश के सभी शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को अब डिजिटल तकनीक में शिक्षित होना अनिवार्य है। शिक्षा विभाग में शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को डिजिटल तकनीक सीखने के निर्देश जारी किए गए हैं.  इसके लिए उन्हें 31 मार्च तक 10 घंटे का ऑनलाइन कोर्स करना होगा। एससीईआरटी ने इसके लिए ई-सृजन एप तैयार किया है। अपर निदेशक एससीईआरटी प्रदीप कुमार रावत ने इस संबंध में सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।

SCERT अपर निदेशक ने आदेश किया जारी, 10 घंटे का ऑनलाइन कोर्स करने के निर्देश
जारी निर्देश में कहा गया है कि कोर्स न करने पर संबंधित की वार्षिक गोपनीय आख्या में इसे दर्ज किया जाएगा। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के अपर निदेशक ने जारी निर्देश में कहा कि आधुनिक समय में हर व्यक्ति को डिजिटल तकनीकी में शिक्षित होना आवश्यक है। विशेष रूप से शिक्षक एवं प्रधानाचार्यों को सूचना और संचार प्रौद्योगिकी का ज्ञान होना चाहिए, ताकि पठन-पाठन में आधुनिक डिजिटल तकनीकों का अधिक से अधिक उपयोग किया जा सके। आदेश में यह स्पष्ट कर दिया गया है कि 31 मार्च तक सभी को 10 घंटे का ऑनलाइन कोर्स करना ही होगा. SCERT ने इसके लिए बाकायदा ई सृजन एप भी तैयार कर लिया है.

तैयार किया ई-सृजन एप
ई सृजन एप एससीईआरटी ने तैयार किया है. जिसके जरिए शिक्षक इस तकनीक को समझ सकेंगे. खास बात यह है कि इस तरह का कोर्स करने वाले शिक्षकों को प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा. जिसकी एक प्रति प्रधानाचार्य को देनी होगी. प्रधानाचार्य को अपने द्वारा किए गए कोर्स के प्रमाण पत्र की प्रति खंड शिक्षा अधिकारियों को देनी होगी.

निर्णय लिया गया है कि यह कोर्स कक्षा एक से 12वीं तक के सभी प्रधानाचार्यों, प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों के लिए अनिवार्य है। कोर्स पूरा करने पर शिक्षकों को इसका ऑनलाइन प्रमाणपत्र दिया जाएगा। सभी शिक्षक कोर्स करने के बाद मिले प्रमाणपत्र की प्रति अपने प्रधानाचार्य और प्रधानाचार्य, खंड शिक्षा अधिकारियों को देंगे। कोर्स के दौरान शिक्षकों और प्रधानाचार्यों की यह परीक्षा होगी कि उन्होंने कितना सीखा हैदेश विदेश की ताजा खबरों के लिए देखते रहिये https://sarthakpahal.com/

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