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जबलपुर के अस्पताल में जन्मा 5.2 किलो का बच्चा, चिकित्सा जगत के लिए शोध का विषय

मध्यप्रदेश/जबलपुर, 4 सितम्बर। जिले के रानी दुर्गावती एल्गिन अस्पताल में बुधवार को बेहद दुर्लभ मामला सामने आया। यहां 34 वर्षीय महिला शुभांगी चौकसे ने 5.2 किलोग्राम वजनी बेटे को जन्म दिया। बच्चे का जन्म सिजेरियन ऑपरेशन से हुआ और वजन देखकर डॉक्टर भी दंग रह गए।

चिकित्सकों के अनुसार, आमतौर पर नवजात शिशु का औसत वजन 2.8 से 3.2 किलोग्राम होता है, लेकिन 5 किलोग्राम से अधिक वजन का बच्चा होना हजारों प्रसवों में कभी-कभार ही देखा जाता है। प्रसव कराने वाली डॉ. भावना मिश्रा ने बताया कि इतने भारी बच्चे का जन्म उन्होंने पहली बार कराया है। उन्होंने कहा कि मां की गर्भावस्था के दौरान पोषणयुक्त डाइट इसकी वजह हो सकती है। इतना ही नहीं, ऐसे मामलों में सिजेरियन डिलीवरी भी चुनौतीपूर्ण साबित होती है। यह बहुत ही रेयर केस है फिलहाल मां और शिशु दोनों स्वस्थ हैं।

चिकित्सा जगत के लिए शोध का विषय
5.2 किलोग्राम बच्चे का जन्म एक असाधारण मामला है। फिलहाल मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं, लेकिन इस तरह के उच्च वजन वाले शिशु का जन्म चिकित्सा जगत के लिए एक शोध का विषय हो सकता है।

अत्यधिक वजन के बच्चे होने के संभावित कारण
गर्भावस्था के दौरान पोषण– मां के गर्भावस्था के दौरान संतुलित और पौष्टिक आहार का सेवन बच्चे के अत्यधिक वजन का एक कारण हो सकता है।

अनुवांशिक कारक-कुछ मामलों में, अनुवांशिक कारक भी नवजात शिशु के वजन पर प्रभाव डाल सकते हैं।

मेटाबॉलिक सिंड्रोम-मधुमेह (डायबिटीज) या अन्य मेटाबॉलिक सिंड्रोम से पीड़ित माताओं के बच्चों का वजन जन्म के समय अधिक हो सकता है। देश विदेश की ताजा खबरों के लिए देखते रहिये https://sarthakpahal.com/

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