JEE मेन में 26 छात्रों का 100 परसेंटाइल स्कोर, फाइनल आंसर-की पर छात्रों ने उठाये सवाल

नई दिल्ली, 20 अप्रैल। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने इंजीनियरिंग कोर्सेज में दाखिले के लिए हुए जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (JEE- MAIN) पेपर 1 (बीई- बीटेक) का फाइनल रिजल्ट तैयार हो गया है। जेईई मेन सेशन-2 में उपस्थित हुए करीब 11 लाख से अधिक उम्मीदवारों को अपने रिजल्ट का इंतजार था।
कुल 26 कैंडिडेट्स को मिला 100 परसेंटाइल
जानकारी के मुताबिक पहले सेशन और दूसरे सेशन दोनों के आधार पर रिजल्ट तैयार किया गया और जिन कैंडिडेट्स ने दोनों सेशन की परीक्षा दी है, उनके बेस्ट स्कोर को चुना गया है। कुल 26 कैंडिडेट्स को 100 स्कोर मिला है। पहले सेशन में 12 और दूसरे सेशन में 14 को टॉप स्कोर मिला है।
100 परसेंटाइल पाने वाले 24 जनरल कैटेगरी से
जेईई मेन सेशन-2 रिजल्ट में कुल 26 उम्मीदवारों को 100 स्कोर मिला है। 100 स्कोर पाने वालों में 24 जनरल कैटेगरी से है। एक कैंडिडेट जनरल ews और एक कैंडिडेट ओबीसी NCL से है।
सबसे ज्यादा इन राज्यों से निकले जेईई मेन टॉपर्स
आंध्र प्रदेश – 5, तेलंगाना – 5, राजस्थान – 4, दिल्ली – 3, महाराष्ट्र – 2, हरियाणा – 2, तमिलनाडु – 1, बिहार – 1, गुजरात – 1, चंडीगढ़ – 1, ओडिशा – 1
सेशन 2 में 1 सवाल हटाया गया
जेईई मेन सेशन 2 की प्रोविजनल आंसर-की को लेकर आई आपत्तियों जांच के एनटीए ने विशेषज्ञ समिती की सिफारिश पर 1 क्वेश्चन ड्रॉप करने का फैसला लिया और 6 क्वेश्चन की आंसर-की को भी बदला गया है। कुछ में एक सवाल के एक से ज्यादा जवाब भी थे। जेईई मेन का दूसरा सेशन 9 शिफ्ट में हुआ, जिसमें कुल 675 क्वेश्चन रहे। 4 अप्रैल को पहली शिफ्ट में फिजिक्स का 1 क्वेश्चन ड्रॉप किया गया। ड्रॉप क्वेश्चन में उस शिफ्ट के सभी छात्रों को उस क्वेश्चन के 4 नंबर मिल जाएंगे।
ड्रॉप सवाल के मिलेंगे पूरे नंबर
जिस शिफ्ट में किसी सवाल को ड्रॉप किया जाएगा तो उस शिफ्ट में बैठने वाले सभी छात्रों को उस सवाल के नंबर दिए जाएंगे। किसी सवाल में अगर टाइपिंग एरर भी होता है या ट्रांसलेशन में गड़बड़ी होती है तो उसे ड्रॉप कर दिया जाता है। ड्रॉप क्वेश्चन का मतलब होता है कि किसी सवाल में ऐसी गलती है जिसे सुधारा नहीं जा सकता, जैसे टाइपिंग एरर या गलत डेटा। ऐसे सवाल को पेपर से हटा दिया जाता है और उस शिफ्ट के सभी कैंडिडेट्स को उस सवाल के पूरे नंबर मिलते हैं, चाहे छात्र ने उस सवाल को अटेम्प्ट किया हो या नहीं।
6 सवालों की आंसर-की बदली गई
वहीं 6 क्वेश्चन की आंसर- की बदली गई है, इनमें से 3 सवाल सवाल ऐसे हैं, जिनके एक से ज्यादा जवाब हैं। विशेषज्ञ कमेटी ने पाया कि 3 सवालों के दो जवाब ठीक हो सकते हैं। जिन सवालों के दो जवाब सही हैं, उन दोनों में से किसी को भी चुनने वाले छात्रों को पूरे नंबर मिलेंगे। जेईई मेन के पहले सेशन में 9 क्वेश्चन ड्रॉप किए गए थे और 5 क्वेश्चन की आंसर- की बदली गई थी। इस तरह से दोनों सेशन को मिलाकर देखें तो प्रोविजनल आंसर की जारी होने के बाद 10 क्वेश्चन ड्रॉप हुए और 11 सवालों की आंसर-की बदली गई।
छात्रों ने फाइनल आंसर-की को लेकर भी उठाए सवाल
दो से तीन सवालों की आंसर-की में बदलाव को लेकर कई छात्रों ने आपत्ति जताई है, हालांकि एनटीए ने कहा है कि विशेषज्ञ समिति ने हर सवाल की पड़ताल के बाद ही फाइनल आंसर-की को तैयार किया है। दो अप्रैल को दूसरी शिफ्ट में फिजिक्स के पेपर में एक सवाल की आंसर-की बदली गई, जिस पर कई छात्रों ने आपत्ति जताई है। इसके अलावा 8 अप्रैल को हुए केमिस्ट्री के पेपर में एक सवाल की आंसर-की बदलने से नाखुश कई छात्रों ने एनटीए को लिखा है।



