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बाबा केदार के दरबार में पहले दिन 38 हजार श्रद्धालु पहंचे आशीर्वाद लेने, 12 घंटे लाइन में लगकर हुए बाबा के दर्शन

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रुद्रप्रयाग, 22 अप्रैल। केदारनाथ मंदिर के कपाट बुधवार सुबह आठ बजे विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। ऊं नमः शिवाय और जय बाबा केदार के जयघोषों, सेना के सिख लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट के बैंड की मधुर धुनों के साथ कपाट उद्घाटन हुआ।

पहली पूजा प्रधानमंत्री मोदी के नाम की
पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से हुई। करीब 10 हजार से अधिक श्रद्धालु कपाटोद्घाटन के साक्षी बने। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे। उन्होंने देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। इस दौरान हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा भी की गई।

चारधाम यात्रा के शुभारंभ पर प्रधामनंत्री का देशवासियों के नाम संदेश
चारधाम यात्रा के शुभारंभ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों और तीर्थयात्रियों को शुभकामनाएं दी. साथ ही उन्होंने इसे भारत की सनातन सांस्कृतिक चेतना का भव्य उत्सव बताया. केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के अवसर पर जारी अपने संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हिमालय की गोद में बसे बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री न केवल आस्था के केंद्र हैं, बल्कि ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को सशक्त करने वाले जीवंत प्रतीक भी हैं.

अग्निष्टोमादिभिर्यज्ञैरिष्टा विपुलदक्षिणैः।
न तत्फलमवाप्नोति तीर्थाभिगमनेन यत्॥
अर्थात यह श्लोक बताता है कि तीर्थयात्रा का आध्यात्मिक और पुण्य फल, बहुत बड़े-बड़े यज्ञों की तुलना में बहुत अधिक और सुलभ है। यह तीर्थ यात्रा के माध्यम से सांस्कृतिक एकजुटता, आस्था और मानसिक शांति के महत्व को रेखांकित करता है।

प्रशासन के मुताबित, यात्रा के पहले दिन ही तीर्थयात्रियों की इतनी भीड़ उमड़ी कि शाम तक 38 हजार तीर्थयात्री पहुंचे। वहीं, श्रद्धालुओं के अनुसार, दर्शन के लिए उन्हें 10 से 12 घंटे तक लाइन में लगना पड़ा।

पुलिस, एनडीआरएफ, आईटीबीपी और BKTC के कर्मियों ने संभाला मोर्चा


केदारनाथ मंदिर के कपाट सुबह 7:50 बजे खुलने के बाद भी तीर्थयात्रियों को मंदिर के गर्भगृह तक पहुंचने में घंटों लग गए। यात्रा मार्ग पर करीब 700 मीटर लंबे कॉरिडोर में श्रद्धालुओं को लाइन में आगे बढ़ाया जा रहा था। यात्रा व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस, एनडीआरएफ, आईटीबीपी और बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के कर्मचारी तैनात रहे लेकिन समन्वय की कमी साफ दिखाई दी। मंदिर के मुख्य द्वार पर कई श्रद्धालु रेलिंग लांघकर अंदर जाने की कोशिश करते दिखे जिन्हें रोकने की व्यवस्था नहीं थी। पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर ने कहा कि सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

भीम शिला देखने पहुंचे भक्त
वर्ष 2013 की आपदा के बाद आस्था और विश्वास का प्रतीक बनी भीम शिला देखने भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। तीर्थ पुरोहित उमेश पोस्ती ने बताया कि श्रद्धालु गर्भगृह में भगवान शिव के स्वयंभू ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने के बाद भीम शिला के दर्शन को भी अत्यंत पुण्यकारी मानते हैं।

बर्फ देख श्रद्धालु खुश
बुधवार को करीब 25 हजार तीर्थयात्री बाबा केदार के दर्शन के लिए धाम पहुंचे। साफ आसमान और चारों ओर बर्फ से ढके पहाड़ों के बीच श्रद्धालु प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेते नजर आए। धाम क्षेत्र में चारों ओर बर्फ है। भैरवनाथ मार्ग और आसपास के इलाकों में श्रद्धालु बर्फ के साथ खेलते और फोटो खींचते दिखाई दिए। गुजरात से आए रमाभाई ने बताया कि कपाट खुलने के समय इस बार मौसम बेहद अनुकूल है। वे 50 सदस्यीय दल के साथ दर्शन के लिए पहुंचे हैं और यहां का दृश्य बेहद मनमोहक है।

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