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पौड़ी में घास काट रही महिला को बाघ ने मार डाला, ग्रामीणों में दहशत और आक्रोश

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पौड़ी गढ़वाल, 23 अप्रैल। जिले के पौड़ी ब्लॉक अंतर्गत बमठी गांव में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया. सुबह गांव की निवासी सीता देवी (उम्र करीब 65 वर्ष) घर के पास ही जंगल किनारे घास काटने गई थीं. इसी दौरान घात लगाए बैठे गुलदार ने अचानक उन पर हमला कर दिया और उन्हें घसीटते हुए जंगल की ओर ले गया.

घास काटने के लिए जंगल गयी थी सीता देवी
आसपास मौजूद लोगों को जब तक कुछ समझ आता, तब तक काफी देर हो चुकी थी. घटना की सूचना मिलते ही पूरे गांव में हड़कंप मच गया. ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक महिला की मौत हो चुकी थी. इस घटना के बाद क्षेत्र में भय और दहशत का माहौल है. लोग अपने घरों से बाहर निकलने में भी डर महसूस कर रहे हैं.

महिला की मौत के बाद ग्रामीणों में आक्रोश
सामाजिक कार्यकर्ता सुमन ने इस घटना को लेकर सरकार और वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि-क्षेत्र में लंबे समय से गुलदार की सक्रियता बनी हुई है. पहले भी कई बार वन विभाग को इसकी सूचना दी गई थी, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. विभाग की लापरवाही के चलते एक निर्दोष महिला को अपनी जान गंवानी पड़ी है.
-सुमन, सामाजिक कार्यकर्ता

गुलदार को मारने की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है. ग्रामीणों ने साफ तौर पर प्रशासन के सामने अपनी मांग रखी है कि जब तक आदमखोर गुलदार को मारने के आदेश जारी नहीं किए जाते, तब तक वे महिला के शव को मौके से उठाने नहीं देंगे. ग्रामीणों का कहना है कि यह पहला मामला नहीं है और लगातार हो रही घटनाओं से उनका जीवन संकट में पड़ गया है.

इलाके में निगरानी बढ़ाई गई
फिलहाल गांव में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है. प्रशासन और वन विभाग की टीमें ग्रामीणों को समझाने में जुटी हैं. वहीं सुरक्षा के मद्देनज़र क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है. इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संघर्ष के गंभीर होते हालातों को उजागर कर दिया है.

घटना की सूचना मिलते ही विभागीय टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई. प्रभावित क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है. गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ट्रैप कैमरे लगाए जा रहे हैं. साथ ही गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरे भी लगाए जा रहे हैं, ताकि जल्द से जल्द उसे काबू में किया जा सके.
-आयशा बिष्ट, एसडीओ, वन विभाग

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