सरकार ने उपजिलाधिकारी कर्णप्रयाग सोहन सिंह रांगण को बनाया BKTC का नया CEO

देहरादून, 25 अप्रैल। चारधाम यात्रा 2026 शुरू होने के बाद आखिरकार सरकार ने बदरी केदार मंदिर समिति के स्थाई CEO के लिए आदेश जारी कर दिया है. यह जिम्मेदारी चमोली जिले में डिप्टी कलेक्टर की जिम्मेदारी संभाल रहे PCS अधिकारी सोहन सिंह को दी गई है. सोहन सिंह ने डिप्टी कलेक्टर की जिम्मेदारी पास ले ली गई है.
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के शुरू होते ही सरकार ने एक अहम प्रशासनिक निर्णय लेते हुए बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) के स्थायी मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति कर दी है. चमोली में डिप्टी कलेक्टर की जिम्मेदारी संभाल रहे पीसीएस अधिकारी सोहन सिंह को अब इस महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है. शासन की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सोहन सिंह को उनकी वर्तमान जिम्मेदारियों से मुक्त करते हुए पूर्णकालिक रूप से BKTC का CEO नियुक्त किया गया है.
चारधाम यात्रा प्रदेश का सबसे बड़ा धार्मिक और आर्थिक आयोजन माना जाता है. हर साल लाखों श्रद्धालु केदारनाथ धाम, बदरीनाथ धाम, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम पहुंचते हैं. ऐसे में यात्रा के सुचारू संचालन के लिए बदरी-केदार मंदिर समिति की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है. बावजूद इसके यात्रा शुरू होने तक इस समिति के CEO पद पर स्थायी नियुक्ति नहीं हो पाई थी, जिससे व्यवस्थाओं को लेकर सवाल भी उठ रहे थे. इससे पहले यह जिम्मेदारी अतिरिक्त प्रभार के तौर पर विशाल मिश्रा जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग के पास थी. हालांकि एक साथ जिले की और चारधाम यात्रा जैसे बड़े आयोजन से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी संभालना चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा था. यही वजह रही कि सरकार ने इस पद पर पूर्णकालिक अधिकारी की तैनाती का फैसला लिया.
PCS अफसर सोहन सिंह जो अब तक चमोली में डिप्टी कलेक्टर के रूप में कार्यरत थे, प्रशासनिक अनुभव और स्थानीय परिस्थितियों की समझ रखते हैं. चमोली जिला बदरीनाथ धाम का मुख्य क्षेत्र है, ऐसे में उनकी तैनाती को व्यावहारिक और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. शासन का मानना है कि उनके नेतृत्व में यात्रा व्यवस्थाओं को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा.
इस नियुक्ति से पहले BKTC के CEO पद पर विजय थपलियाल को जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन उनका कार्यकाल काफी छोटा रहा. यात्रा शुरू होने से ठीक पहले उन्हें इस पद से हटा दिया गया था, जिससे व्यवस्थाओं में अस्थिरता की स्थिति बनी हुई थी. ऐसे में स्थायी CEO की नियुक्ति को प्रशासनिक स्थिरता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.
चारधाम यात्रा के बीच BKTC के स्थायी CEO की नियुक्ति प्रशासनिक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण कदम हैय अब यह देखना होगा कि सोहन सिंह इस जिम्मेदारी को किस तरह निभाते हैं और यात्रा को सुचारू, सुरक्षित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने में कितनी सफलता हासिल करते हैं।
बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि बीकेटीसी कर्मचारी संघ, सहित विभिन्न धार्मिक संगठनों जनप्रतिनिधियों, हकहकूकधारियों ने नवनियुक्त बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी को शुभकामनाएं दी है शासन के निर्णय का स्वागत किया और विश्वास जताया है कि उनके नेतृत्व में बदरीनाथ-केदारनाथ धाम की यात्रा व्यवस्थाएं और अधिक मजबूत होंगी।



