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हरिद्वार में फर्जी डाक्टर और अवैध मशीन का खेल खत्म, प्रशासन ने सील किये अल्ट्रासाउंड केंद्र

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हरिद्वार, 6 मई। जिले में धोखाधड़ी से अल्ट्रासाउंड सेंटर खोलकर मरीजों को ठगने और उनकी जान से खिलवाड़ करने के मामले सामने आ रहे हैं. पीसीपीएनडीटी एक्ट (Pre-Conception and Pre-Natal Diagnostic Techniques) का उल्लंघन करने पर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है. चार अल्ट्रासाउंड सेंटर के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं. ये सेंटर एक साल पहले पंजीकृत तो हो गए थे, लेकिन न तो संचालन शुरू किया गया और न ही वहां चिकित्सकों की तैनाती की गई. यह फैसला जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में हुए पीसीपीएनडीटी सलाहकार समिति की बैठक के बाद लिया गया।

हरिद्वार में चार अल्ट्रासाउंड सेंटर के लाइसेंस निरस्त
एक मामले में तो सीलिंग की कार्रवाई के बावजूद भी मशीन को गायब कर दिया गया. वहीं कलियर क्षेत्र में एक अल्ट्रासाउंड सेंटर में तैनात डॉक्टर की डिग्री तक फर्जी पाई गई. जांच में लापरवाही सामने आने पर हरिद्वार के सीएमओ डॉ. आरके सिंह ने कुल मिलाकर चार अल्ट्रासाउंड सेंटरों के रजिस्ट्रेशन निलंबित करने के आदेश जारी किए हैं. इन मामलों की जांच जारी है. जल्द ही मुकदमा दर्ज करने की कड़ी कार्रवाई की तैयारी है.

डीएम ने ली पीसीपीएनडीटी अधिनियम सलाहकार समिति की बैठक
रोशनाबाद स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में पीसीपीएनडीटी अधिनियम सलाहकार समिति की बैठक आयोजित हुई. बैठक में डीएम ने अधिनियम का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. डीएम ने कहा कि जो भी सेंटर नियमों में ढिलाई बरत रहे हैं, उनके खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाए. बैठक के दौरान अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल वर्मा ने नए रजिस्ट्रेशन और नवीनीकरण से संबंधित विषय रखे. उन्होंने बताया कि निजी अल्ट्रासाउंड सेंटरों के रजिस्ट्रेशन के लिए पांच आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से केवल एक को ही मंजूरी दी गई. वहीं चार केंद्रों के रजिस्ट्रेशन निलंबित करने के आदेश भी दिए गए, जहां चिकित्सक नियुक्त नहीं थे.

कलियर में अल्ट्रासाउंड सेंटर का डॉक्टर फर्जी निकला
सीएमओ आरके सिंह ने बताया कि मानकों का उल्लंघन कर संचालित हो रहे अल्ट्रासाउंड सेंटरों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. टीमें बनाकर फिजिकली जांच की जा रही है. जिले में एक अल्ट्रासाउंड सेंटर को सीज किया गया था, लेकिन फिर भी सील की गई मशीन को गायब कर दिया गया. संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई कर दी गई है. कलियर क्षेत्र में भी एक अल्ट्रासाउंड सेंटर को सील कर लाइसेंस निरस्त किया गया है. यहां डॉक्टर की डिग्री ही फर्जी निकली है. जल्द ही डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा.
-आरके सिंह, सीएमओ, हरिद्वार-

अल्ट्रासाउंड सेंटर में मशीन की खरीद बिक्री पर रोक
सीएमओ डा. आरके सिन्हा ने बताया कि जनपद में पीसीपीएनडीटी एक्ट का सख्ती से पालन कराया जा रहा है. बिना परमिशन के मशीनों को खरीदा और बेचा नहीं जा सकता है. पीसीपीएनडीटी एक्ट के अनुसार नए अल्ट्रासांउड सेंटर के संचालन की अनुमति से पहले फिजिकली डॉक्टर और मशीन का वेरिफिकेशन किया जाता है. उसके बाद ही रजिस्ट्रेशन किया जाता है. जनपद में कार्रवाई जारी है और एक्ट का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

बहादराबाद और नारसन में अल्ट्रासाउंड सेंटर को मंजूरी
इसके अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहादराबाद और नारसन में अल्ट्रासाउंड सुविधा शुरू करने के प्रस्ताव को समिति ने स्वीकृति प्रदान की है. पशु चिकित्सा केंद्रों के नवीनीकरण के तहत 12 आवेदनों पर विचार किया गया, जिनमें से 11 को मंजूरी दी गई, जबकि पशु चिकित्सालय बहादराबाद के नवीनीकरण को फिलहाल रोक दिया गया है.

प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध रूप से संचालित केंद्रों और मानकों का उल्लंघन करने वाले संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वाले किसी भी केंद्र को बख्शा नहीं जायेगा।

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