पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी से जुड़ा था हरिद्वार के ढंढेरा गांव का रहने वाला मुशर्रफ

हरिद्वार, 28 मई। पाकिस्तानी गैंगस्टर से नेटवर्क के आरोप में उत्तर प्रदेश एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) ने सहारनपुर जिले से चार लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों में एक उत्तराखंड के हरिद्वार जिले का रहने वाला है. आरोप है कि पकड़े गए चारों लोग बीते 6 महीने से पाकिस्तानी गैंगस्टर से जुड़े नेटवर्क के संपर्क में थे, जिनका दायर अब यूपी के अलावा दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड तक बढ़ता जा रहा था.
यूपी एसटीएफ से मिली जानकारी के अनुसार, हरिद्वार के ढंडेरा गांव निवासी मुशर्रफ को गिरफ्तार किया गया है. मुशर्रफ मसूरी के पास वेल्डिंग का काम करता था. हरिद्वार एसपी देहात ने इसकी पुष्टि की है. यूपी एसटीएस की टीम ने मुशर्रफ को गिरफ्तार किया था. स्थानीय पुलिस भी मामले की जांच कर रही है. जांच में जो कोई भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.
शेखर चंद सुयाल, एसपी देहात, हरिद्वार
यूपीएसटीएफ ने तीन और आरोपियों को भी किया गिरफ्तार

इसके अलावा तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. सबसे पहले यूपी एसटीएफ के हाथ सहारनपुर के सरसावा थाना क्षेत्र के ढिक्का कलां गांव निवासी महकाब और शाहरुख आए. दोनों आरोपी मजदूरी का काम करते हैं और काम के लिए दूसरे राज्यों में जाते रहते थे. महकाब हरियाणा और पंजाब में वेल्डिंग का काम करता था. वहीं, शाहरुख उत्तराखंड के कई शहरों और गांवों में वेल्डिंग का काम करता था.दोनों को ही बाहरी राज्यों और शहरों की अच्छी जानकारी हो गई थी
इन तीनों के अलावा एक और आरोपी गगनदीप उर्फ गुरी को यूपी एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है. ये शख्स मुजफ्फरनगर के शाहपुर रामराज क्षेत्र का रहने वाला है. पेशे से ट्रक ड्राइवर होने के कारण गगनदीप कई राज्यों में लगातार आना-जाना करता था. जांच एजेंसियों इस आधार पर जांच कर रही हैं कि इस नेटवर्क और आवाजाही का इस्तेमाल संदिग्ध गतिविधियों के लिए किया जा रहा था.
लंढौरा में 2016 में सामने आया था आतंकी साजिश का मामला
लंढौरा क्षेत्र में जनवरी 2016 में उस समय सनसनी फैल गई थी जब चार युवकों को कथित तौर पर आतंकी गतिविधियों की तैयारी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी युवक इंटरनेट के माध्यम से विस्फोटक तैयार करने और बम बनाने से संबंधित जानकारी जुटा रहे थे । जांच में सामने आया था कि आरोपी युवक बम बनाने के लिए माचिस की तीलियों का बुरादा इकट्ठा कर रहे थे। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर जांच एजेंसियों को उस स्थान की जानकारी दी थी जहां यह सामग्री छिपाकर रखी गई थी। इसके बाद एटीएस की टीम आरोपियों को लंढौरा क्षेत्र स्थित एक खेत में लेकर पहुंची थी। वहां खेत में गड्ढा खोदकर छिपाए गए माचिस की तीलियों के बुरादे को बरामद किया गया था। उस समय इस मामले ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और युवाओं के कट्टरपंथी नेटवर्क से जुड़ने की आशंकाओं को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी थी।
पुलिस की गिरफ्त में आए चारों आरोपी पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आबिद जट्ट के संपर्क में थे. सभी आरोपी सोशल मीडिया इंस्टाग्राम और मैसेजिंग ऐप वाट्सएप से पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आबिद जट्ट से जुड़े थे. भट्टी और आबिद ने सोशल मीडिया के जरिए ही चारों आरोपियों को प्रभावित किया थाा.
अमिताभ यश, अधिकारी, यूपी एसटीएफ
जब चारों पूरी तरह से पाकिस्तानी गैंगस्टर्स के जाल में फंस गए तो उनसे अलग-अलग राज्यों में गतिविधियां संचालित कराई जाने लगीं. फिलहाल, पुलिस अब आरोपियों के सभी रिकॉर्ड खंगलाने के साथ ही उनके संपर्कों, फंडिंग और गतिविधियों से जुड़ी अन्य जानकारी भी जुटा रही है. एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह लोग और किन लोगों के संपर्क थे और यह नेटवर्क किस स्तर का है.



