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6th की किताब में वेज और नॉन-वेज पर बवाल, कृष्णा नाम भी विवादों में, NCERT बोली नदियों के सम्मान की पहल

नई दिल्ली, 25 जून। क्लास 6 की नई बुक को लेकर छिड़ी बहस के बाद, NCERT ने 386 शब्दों का नोट जारी कर सफाई दी है। नई बुक का नाम ‘कृष्णा’ और अंदर वेज-नॉनवेज को लेकर एनसीईआरटी पर सवाल उठाए जा रहे थे। एक संगठन ने 6वीं की नई कन्नड़ बुक के जरिए बच्चों के सिलेबस का ‘राजनीतिकरण’ और ‘भगवाकरण’ करने की आरोप लगाया था। इसके बाद एनसीईआरटी ने आरोपों को गलत ठहराते हुए एक प्रेस नोट जारी किया है।

दरअसल, एनसीईआरटी ने कक्षा 6 की एक किताब का नाम ‘कृष्ण’ रखा गया है, जिसको लेकर एक शिक्षा अधिकार संगठन ने सवाल उठाए हैं। संगठन का कहना है कि कक्षा 6 की नई कन्नड़ पाठ्यपुस्तक के जरिये पाठ्यक्रम का ‘भगवाकरण’ करने की कोशिश की जा रही है।

वेज और नॉनवेज को लेकर क्या है बवाल?
दरअसल, एनसीईआरटी की क्लास 6 कन्नड़ बुक का टाइटल और कंटेंट को लेकर विवाद चल रहा है। कुछ शिक्षाविदों और लेखकों ने बुक का टाइटल ‘कृष्ण’ रखने, संतुलित आहार के तौर पर केवल सात्विक भोजन को शामिल करने और मांसाहारी भोजन को न शामिल करने पर आपत्ति जताई थी। एनईपी-2020 के तहत भारतीय ज्ञान विरासत को थोपने के प्रयास में एनसीईआरटी की किताबों में पौराणिक गुणों को शामिल करने की प्रवृत्ति निंदनीय है। कक्षा 6 की बुक का नाम ‘कृष्ण’ रखना पाठ्यपुस्तकों का भगवाकरण करने का प्रयास है।’ पीपुल्स अलायंस फॉर फंडामेंटल राइट्स टू एजुकेशन (PAFRE) नाम के एक संगठन ने आरोप लगाया है कि कक्षा 6 की R3 किताबों में सिर्फ शाकाहारी आहार पर ही जोर दिया गया है। बैलैंस डाइट की एक नई परिभाषा दी गई है: ‘ऊर्जा पाने के लिए हमारे शरीर को दूध, हरी पत्तेदार सब्जियां, सब्जियां, फल और मेवे जैसे संतुलित भोजन की जरूरत होती है। ये हमारे रोज के खाने का हिस्सा होने चाहिए।’

NCERT ने कहा- भगवान नहीं, नदी का नाम
एनसीईआरटी द्वारा जारी नोट में बुक के टाइटल को लेकर कहा गया है कि NCERT ने बुक का नाम भारत की नदियों के नाम पर रखा है। ‘कृष्णा’ बुक टाइटल कृष्णा नदी के नाम पर रखा गया है, जो कर्नाटक की प्रमुख नदियों में से एक है। ध्यान देने योग्य बात यह है कि हिंदी किताब का नाम ‘गंगा’, अंग्रेजी बुक का नाम ‘कावेरी’ और उर्दू किताब का नाम ‘जमुना’ (यमुना) रखा गया है। इसी तरह, कन्नड़ पाठ्यपुस्तक का नाम ‘कृष्णा’ रखा गया है। आगे कहा कि यह स्थानीय और सांस्कृतिक नजरिए से सही है। खासकर NEP 2020 और NCF-SE 2023 में सीखने वालों के लिए अपनी जड़ों से जुड़ाव, सांस्कृतिक संबंध और सार्थक संदर्भों पर दिए गए जोर को देखते हुए।

बैलेंस डाइट विवाद पर NCERT का जवाब
जहां तक आहार (डाइट) के मुद्दे की बात है, तो यह बताया जाता है कि इस बुक के चैप्टर 6 में बैलेंस डाइट को शामिल किया गया है। ‘स्वास्थ्य ही धन है’ (Health is Wealth) अध्याय की प्रस्तावना में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि अच्छे स्वास्थ्य के लिए संतुलित आहार, व्यायाम और स्वच्छता जरूरी हैं।

इसे पेज 63 पर ‘संतुलित आहार’ (Balanced Diet) नामक अलग शीर्षक के तहत भी शामिल किया गया है। चैप्टर में बताया गया है कि हमारे शरीर को दूध, हरी पत्तेदार सब्जियां, अन्य सब्जियां, फल और अन्य खाद्य पदार्थों जैसे संतुलित भोजन की आवश्यकता होती है, और ये हमारे दैनिक आहार का हिस्सा होने चाहिए। उदाहरण वाली तस्वीर में शाकाहारी और मांसाहारी दोनों तरह के खाद्य पदार्थ शामिल हैं।

NCERT ने उदाहरण देकर समझाया कि हिंदी की किताब का नाम गंगा, अंग्रेजी का कावेरी, उर्दू का जमुना और इसी तरह कर्नाटक की प्रमुख नदी होने के कारण कन्नड़ की किताब का नाम कृष्णा रखा गया है। इसका किसी धर्म या पौराणिक एजेंडे से कोई लेना-देना नहीं है।

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