
चमोली, ,16 जुलाई, 26. बदरीनाथ धाम दान चोरी विवाद अभी शांत भी नहीं हुआ कि मंदिर से जुड़ा और ताजा आरोप सामने आया है. यह आरोप किसी आम आदमी ने नहीं, बल्कि खुद रावल अमरनाथ नंबूदरी ने लगाया है. रावल ने बदरीनाथ धाम में अभिषेक के लिए इस्तेमाल हो रहे चंदन की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए हैं. रावल की लिखित शिकायत के बाद मंदिर प्रशासन में हड़कंप मच गया है और तुरंत इस मामले में जांच के आदेश दे दये गये हैं।
भगवान बदरी नारायण के अभिषेक में इस्तेमाल होने वाले चंदन पर सवाल
इस बार सवाल भगवान बदरी नारायण के अभिषेक में इस्तेमाल होने वाले चंदन (श्रीखंड) की गुणवत्ता को लेकर उठे हैं. धाम के मुख्य पुजारी रावल अमरनाथ नंबूदरी ने इस संबंध में बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) सोहन सिंह रांगड़ को लिखित शिकायत दी है, जिसके बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है. बदरीनाथ धाम में प्रतिदिन प्रात: काल भगवान बदरी नारायण का चंदन से अभिषेक किया जाता है. परंपरा के अनुसार अगले दिन यही चंदन श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है. चंदन तैयार करने का कार्य डिमरी पंचायत के हक-हकूकधारी करते हैं और उसे विशेष स्वर्ण-रजत पात्र (तम्या) में सुरक्षित रखकर गर्भगृह में स्थापित किया जाता है.
10 क्विंटल VVIP दान के चंदन पर संदेह
मंदिर सूत्रों के मुताबिक, बीकेटीसी ने पिछले लगभग दो वर्षों से चंदन की नई खरीद नहीं की है और वर्तमान में दान स्वरूप प्राप्त चंदन का ही उपयोग किया जा रहा है. बताया जा रहा है कि एक VVIP द्वारा दान किए गए करीब 10 क्विंटल चंदन का उपयोग इन दिनों अभिषेक में किया जा रहा है. जबकि कुछ उद्योगपतियों की ओर से दान में मिले लगभग दो क्विंटल प्रीमियम गुणवत्ता वाले चंदन का अभी तक उपयोग नहीं किया गया है.
मंदिर प्रशासन का रुख और जांच के आदेश
बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि चंदन की गुणवत्ता को लेकर रावल की आपत्ति प्राप्त हुई है. प्रारंभिक तौर पर आशंका है कि चंदन की लकड़ी गुणवत्ता के मानकों पर खरी नहीं उतर रही हो. उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और विशेषज्ञों की राय के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
दान-चढ़ावे से जुड़े विवाद के बाद अब अभिषेक में प्रयुक्त चंदन की गुणवत्ता पर उठे सवालों ने बदरीनाथ धाम की व्यवस्थाओं को लेकर नई बहस छेड़ दी है. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत में कितनी सच्चाई है और आगे क्या कदम उठाए जाएंगे.



