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बदरीनाथ चढ़ावा हेराफेरी में अब खजांची सस्पेंड, 3 और कर्मचारी शक के घेरे में, हो सकती है गिरफ्तारी

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गोपेश्वर (चमोली), 15 जुलाई, 26. बदरीनाथ धाम में दान-चढ़ावा हेराफेरी मामले में सोमवार को बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के आरोपित वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल की गिरफ्तारी के बाद खजांची संदेश मेहता को भी हटा दिया गया। खजांची को हटाने के साथ ही उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। संदेश मेहता की जगह केदार सिंह रावत को नया खजांची बनाकर यह जिम्मेदारी सौंपी गयी है।

खजांची पर क्यों की गयी कार्रवाई
गढ़वाल कमिश्नर ने जब एसआईटी प्रभारी और बीकेटीसी के सीईओ सोहन सिंह रांगड़ के साथ बदरीनाथ धाम पहुंचकर दान और चढ़ावे की गणना के दस्तावेजों व रजस्टरों की जांच की तो वहां बड़ी गड़बड़ी पकड़ी गयी। चढ़ाावे में आई चांदी के रिकार्ड वाले रजिस्टर में बड़े पैमाने पर काट-छांट पाई गयी थी, जिसके बाद तुरंत खजांची को हटाने का फैसला लिया गया। गणना की प्रक्रिया जानने व गणना स्थल का निरीक्षण करने के साथ उन्होंने कार्मिकों के बयान भी लिए। उन्होंने मंदिर समिति से गणना का पूरा रिकार्ड एसडीएम ज्योतिर्मठ के माध्यम से उपलब्ध कराने को कहा। मंगलवार को बदरीनाथ धाम पहुंचे गढ़वाल कमिश्नर ने जब एसआइटी प्रभारी एवं डीएसपी मदन बिष्ट व बीकेटीसी के सीईओ सोहन सिंह रांगड़ से गणना के दस्तावेज जांचे तो उसमें चांदी के रिकार्ड में ओवरराइटिंग मिली।

तीन और कर्मचारी और एक श्रद्धालु भी शक के घेरे में
जांच का दायरा केवल गिरफ्तार आरोपी और खजांची तक ही सीमित नहीं है, बल्कि मंदिर समिति केे तीन अन्य कर्मचारी भी इस समय सख्त जांच और शक के घेरे में हैं।  इनमें एक श्रद्धालु का नाम भी सामने आया है। मंदिर समिति व एसआइटी जांच में इनकी संलिप्तता की पुष्टि हुई है। सूत्रों के अनुसार, तीनों कार्मिकों को नोटिस दिया जा रहा है, जबकि श्रद्धालु से पूछताछ की तैयारी है। वहीं, गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय जांच समिति ने भी बदरीनाथ पहुंचकर दोनों जांच समितियों से अब तक की प्रगति जानी।

इसके बाद बीकेटीसी ने खजांची से हटाकर पूजा काउंटर पर भेज दिया। एसआइटी व उच्चस्तरीय समिति की जांच के केंद्र में अभी 25 जून से लेकर दो जुलाई तक गणना है। सूत्रों के अनुसार, 25 जून की गणना के दौरान एक श्रद्धालु के भी जेब में कुछ सामग्री डालने की तस्वीर सीसीटीवी में रिकार्ड हुई है। उसकी पहचान कर ली गई है। बताया जा रहा कि विष्णुप्रयाग परियोजना में कार्यरत यह श्रद्धालु अक्सर गणना में शामिल होता रहा है। सूत्रों के अनुसार, जांच में अन्य कई अधिकारी-कर्मचारी भी लपेटे में आ सकते हैं। खासकर हेराफेरी मामले में कुछ अधिकारियों की चुप्पी उनकी भूमिका को संदेहास्पद बना रही है।

मंदिर में लगे हैं 26 दानपात्र
बदरीनाथ मंदिर के अंदर दो, परिसर में तीन और सिंहद्वार समेत अन्य स्थानों पर 21 दानपात्र लगे हैं। इन सभी की गणना एक साथ होती है। अब तक बताया जा रहा था कि मंदिर में कुल पांच दानपात्र हैं। मंदिर अधिकारी व सहायक मंदिर अधिकारी की मौजूदगी में इन दानपात्रों को खाली कराया जाता है और फिर दान-चढ़ावे की गणना होती है।

गणना पारदर्शी बनाने को कमिश्नर ने दिए सुझाव
बीकेटीसी के सीईओ सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि संदेह के आधार पर समिति के खजांची संदेश मेहता को हटाकर नोटिस दिया गया है। वहीं, गढ़वाल कमिश्नर ने गणना प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं, उन्हें तत्काल अमल में लाया जा रहा है। इसके तहत गणना स्थल पर आधे हिस्से में शीशा व आधे हिस्से में जाली लगाई जाएगी। साथ ही यहां द्वार लगाकर सुरक्षाकर्मी की तैनाती की जाएगी।

बदरीकेदार मंदिर समिति की चार सदस्यीय जांच समिति ने अपनी जांच लगभग पूरी कर ली है और वह जल्द ही अंतिम रिपोर्ट सौंपने वाली है। वहीं, शासन की उच्चस्तरीय टीम ने भी धाम में डेरा डाला हुआ है। आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में कुछ और बड़े चेहरों पर गाज गिर सकती है और नई गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।

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