
देहरादून, 11 अगस्त, 26. प्रदेश के करीब 15 हजार शिक्षकों के लिए राहत की खबर है। सरकार उत्तर प्रदेश की तर्ज पर उत्तराखंड में शिक्षकों को अलग से टीईटी करा सकती है। शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने अधिकारियों को इस मामले का अध्ययन कर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। शिक्षकों के मुताबिक एनसीटीई ने 23 अगस्त 2010 को अधिसूचना जारी करते हुए कहा था कि कक्षा एक से आठवीं तक के सभी शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य होगा।
नाती-पोते वाले हो चुके अधिकांश टीचर कैसे करेंगे TET
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 2010 से पहले नियुक्त हुए इन करीब 12 से 15 हजार टीचरों पर भी TET पास करने की अनिवार्यता लागू की गयी है, जिससे उनकी पदोन्नति और सेवा निरंतरता पर संकट खड़ा हो गया है। इनमें से कई टीचर अब 53-54 साल की उम्र के पड़ाव पर हैं। प्रदेश में कई शिक्षकों की यह चिंता है कि इस उम्र में टीईटी पास कैसे कर सकेंगे। उन्होंने टीईटी नहीं की तो न सिर्फ पदोन्नति नहीं हो पाएगी बल्कि नौकरी भी खतरे में पड़ जाएगी।
राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ की प्रांतीय तदर्थ समिति के सदस्य दिगम्बर सिंह नेगी के मुताबिक शिक्षकों का एक प्रतिनिधिमंडल मामले को लेकर शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत से मिला। मंत्री ने रामनगर बोर्ड के सचिव विनोद ढौंढियाल व प्रारंभिक शिक्षा निदेशक कुंवर सिंह रावत को यूपी की तर्ज पर प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए हैं। शिक्षकों के मुताबिक एनसीटीई ने 23 अगस्त 2010 को अधिसूचना जारी करते हुए कहा था कि कक्षा एक से आठवीं तक के सभी शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य होगा।
इस विषय की गंभीरता और आगे की कानूनी व प्रशासनिक प्रक्रिया तय करने के लिए 17 और 18 अगस्त को शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों और शिक्षक संगठन के प्रतिनिधियों के बीच एक समीक्षा बैठक प्रस्तावित है।
विनोद ढौंढियाल, सचिव, उत्तराखंड बोर्ड
शिक्षकों के मुताबिक टीईटी के मामले में यूपी ने एक आदेश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश से प्राथमिक स्तर के 64062 और उच्च प्राथमिक स्तर के 76256 शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं। जिसे देखते हुए कार्यरत शिक्षकों के लिए विशेष अध्यापक पात्रता परीक्षा कराई जाएगी।
-धन सिंह रावत, शिक्षा मंत्री



