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उत्तरकाशी के केदारताल रेस्क्यू अभियान में हेलिकॉप्टर से चार शव मातली लाए गए, मरने वालों में लखनऊ की दो सगी बहनें

उत्तरकाशी, 4 नवम्बर, 26. केदारताल ट्रैक पर लापता ट्रैकर्स और सपोर्टिंग स्टाफ की तलाश में एसडीआरएफ उत्तराखंड पुलिस का सर्च एवं रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है। बुधवार को अभियान के दौरान मिले चार शव हेलिकॉप्टर से मातली हेलीपैड पहुंचाए गए। इनमें दो पुरुष और एक महिला शामिल हैं। चारों शव जिला अस्पताल पहुंचाए गए हैं।

27 अक्तूबर को सात ट्रैकर्स और छह सपोर्टिंग स्टाफ सहित कुल 13 सदस्यीय दल गंगोत्री से केदारताल ट्रैक के लिए रवाना हुआ था। खराब मौसम, भारी बर्फबारी और ग्लेशियर के कारण रास्ता अवरुद्ध होने से दल निर्धारित समय पर वापस नहीं लौट सका। इसके बाद से प्रशासन के समन्वय से एसडीआरएफ, नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम), वन विभाग और ट्रेकिंग एजेंसी की टीमें तलाश एवं बचाव अभियान में जुटी हैं।

बताया गया कि जिस स्थान पर दल का टेंट बर्फ में दबा मिला, उससे करीब 200 मीटर नीचे कुछ सदस्यों के शव बरामद हुए। आशंका है कि हिमस्खलन के बाद कुछ सदस्य आगे बढ़े हों और भारी बर्फबारी में रास्ता या दिशा स्पष्ट न होने से हादसे का शिकार हुए हों। यह केवल संभावना है; जांच और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों से ही इसकी पुष्टि हो सकेगी।

शवों की पहचान
बरामद शवों में लखनऊ (गायत्रीपुरम, विकासनगर) की रहने वाली दो सगी बहनें वर्तिका वर्मा (28 वर्ष) और दीपिका वर्मा (29 वर्ष) शामिल हैं। 29 अक्टूबर को गंगोत्री लौटते समय खराब मौसम, भारी हिमपात और एवलांच (हिमस्खलन) की चपेट में आ गया था।यह दल 29 अक्टूबर को गंगोत्री लौटते समय खराब मौसम, भारी हिमपात और एवलांच (हिमस्खलन) की चपेट में आ गया था।

पांच दिन पूर्व केदारताल ट्रैक पर कच्ची ढांग के समीप फंसे आठ ट्रैकर्स की तलाश के लिए मंगलवार को मौसम खुलने पर समुद्रतल से करीब चार हजार मीटर की ऊंचाई पर अभियान चलाया गया था। इस दौरान एसडीआरएफ और निम की टीम को एक महिला और एक पुरुष का शव मिला था। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने भी दो शव मिलने की पुष्टि की थी। इसके बाद बुधवार को चार शव हेलिकॉप्टर से मातली हेलीपैड पहुंचाए गए।

एसडीआरएफ के सेनानायक अर्पण यदुवंशी के निर्देशन में टीमें अन्य रेस्क्यू एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर अभियान चला रही हैं। प्रतिकूल मौसम, भारी बर्फबारी और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद तलाश जारी है।

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