अग्निवीर योजना का कार्यकाल 6 साल का हुआ, बदलाव के पीछे Gen-Z और आगामी विधानसभा चुनाव

नई दिल्ली, 4 नवम्बर, 26. अग्निवीरों के लिए दिवाली से पहले सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अग्निपथ स्कीम के तहत देश के तीनों सेनाओं में युवाओं को बतौर अग्निवीर भर्ती होने का मौका मिलता है। इस सेवा की अवधि पहले 4 साल की थी, लेकिन अब अग्निवीर 2 और ज्यादा देशसेवा में अपना योगदान बरकरार रख सकेंगे। क्योंकि उनकी सेवाअवधि को 4 साल से बढ़ाकर अब 6 साल कर दिया गया है।
2027 के चुनावों को ध्यान में रखकर लिया गया फैसला
केंद्र सरकार ने Gen-Z को ध्यान में रखकर अग्निवीर योजना को “जैकपॉट” बना दिया है. अब विपक्ष के आंदोलन का जवाब भी तैयार है और हिसाब भी. भाजपा इस योजना का नाम लेकर युवाओं से सीधा संवाद करेगी- रोजगार, स्थायित्व और राष्ट्र सेवा तीनों एक साथ. फैसला आज लागू हो चुका है, और इसका राजनीतिक प्रभाव 2027 के चुनावों पर पार्टी देखना चाहती है.
CDS जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने घोषणा की कि 4 साल का कार्यकाल पूरा करने वाले 75 प्रतिशत अग्निवीरों को 2 साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार (Second Tour of Duty) मिलेगा. इसके बाद इच्छुक और चयन मापदंड पूरे करने वाले सभी अग्निवीरों को नियमित सैनिक बनने का रास्ता खुलेगा. यह फैसला सिर्फ सैन्य नहीं, बल्कि पूरी तरह राजनीतिक भी लगता है.
एक महीने बाद रिटायर होने वाले थे हजारों अग्निवीर
अब जब पहले बैच के करीब 18,000-18,300 अग्निवीर दिसंबर 2026 में बाहर होने वाले थे, ठीक उसी समय सरकार ने एकतरह से जैकपॉट दे दिया है. बढ़ा हुआ वेतन, अतिरिक्त सेवा और नियमित कैडर में भर्ती का स्पष्ट रास्ता- यह सीधे उन आरोपों का जवाब है जो लगातार पिछले लगभग हर चुनाव में विपक्ष उठाता रहा है.
इस बड़े बदलाव के साथ अग्निपथ योजना के भर्ती मॉडल में भी अहम परिवर्तन किया गया है। इस 2 साल के बढ़े हुए एक्सटेंशन पीरियड में अग्निवीरों को सैलरी भी बढ़कर मिलेगी। सीडीएस जनरल एनएस राजा सुब्रमणि में अग्निवीर सेवा विस्तार के साथ बढ़े हुए वेतन के बारे में भी बताया है। अग्निपथ योजना के तहत तीनों सेनाओं में अग्निवारों में कार्यकाल को बढ़ाया गया है। अग्निपथ योजना साल 2022 में शुरू हुई थी। उस समय यह प्रवाधान किया गया था कि 75 प्रतिशत अग्निवीर अपनी 4 साल अवधि पूरी करके बाहर आ जाएंगे। लेकिन अब इन्हें 2 साल अतिरिक्त कार्यकाल दिया जाएगा।
सेवा के साल के साथ उनका वेतन का स्ट्रक्चर भी पहले उसी हिसाब से तय किय गया था। कार्यकाल के पहले साल यानी बतौर अग्निवीर भर्ती होने के बाद कैंडिडेट को 30,000 मंथली सैलरी मिलती है। इसमें से 70 प्रतिशत यानी 21,000 इनहैंड बाकी अग्निवीर कॉर्पस फंड में जमा हो जाती है। सभी सालों का स्ट्रक्चर इस तरह है। अग्निवीरों को निश्चित मासिक सैलरी के साथ अग्निवीर पैकेज भी दिया जाता है। इसके साथ-साथ ड्रेस, यात्रा भत्तों के साथ अन्य तरह भत्ते भी उन्हें मिलते हैं। मंथली सैलरी के अलावा अग्निवीरों के सेवा निधि पैकेज में भी पैसा जमा होता है। इसमें अग्निवीरों के साथ सरकार का योगदान भी रहता है।
2 साल एक्सटेंशन में अग्निवीरों की सैलरी
दो साल की बढ़ी हुई सेवा के दौरान अग्निवीरों को बढ़कर सैलरी भी मिलेगी। 4 साल के बाद पहले बढ़े हुए साल यानी 5वें साल अग्निवीर को 43,500/- सैलरी मिलेगी। वहीं दूसरे साल यह 47,500/- होगी। सीडीएस जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने बताया कि अग्निवीर सेवा निधि में अपनी तरफ से जितना भी रुपये जमा करेंगे सरकार उसका 70 प्रतिशत ज्यादा योगदान देगी।
सरकार ने अग्निवीरों को परमानेंट करने के लिए रास्ता तैयार किया है। जिसके तहत पिछले चार साल के रिकॉर्ड को देखते हुए और उसके आंकलन को देखते हुए 25 प्रतिशत कैंडिडेट्स को परमानेंट सर्विस देने का भी मौका मिलेगा। बाकी अभ्यर्थी 2 साल की अतिरिक्त सेवा दे सकेंगे।



