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दिल्ली में अंकिता भंडारी के माता-पिता को दिल्ली पुलिस ने जबरन उठाया, मां की बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में भर्ती video

देहरादून, 4 नवम्बर, 26. दिल्ली में राजघाट पर बापू की समाधि स्थल के पास धरने पर बैठे अंकिता भंडारी के माता पिता को पुलिस ने जबरन उठा लिया. इसी दौरान राजघाट पर अंकिता भंडारी की मां सोनी देवी बेहोश हो गईं. उन्हें अस्पताल ले जाया गया है. एनजीओ संचालिका योगिता भयाना ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. वहीं, मामले को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस के नेताओं ने बीजेपी सरकार तीखा हमला बोला है.

कांग्रेस ने लगाया परेशान करने का आरोप
उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत ने गृह मंत्री अमित शाह के उत्तराखंड दौरे से पहले अंकिता भंडारी के माता-पिता को परेशान किए जाने का आरोप लगाया है. उन्होंने दिल्ली पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं.

अंकिता के पिता से गणेश गोदियाल ने की बात
इसके अलावा गणेश गोदियाल ने कहा कि इस संबंध में मेरी अंकिता के पिता से फोन पर बात हुई है. उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह के देहरादून दौरे से पहले अंकिता के माता-पिता को इस तरह परेशान करना, डराना और धमकाना बिल्कुल अनुचित है. वे शांतिप्रिय लोग हैं, उनसे किसी को कोई खतरा नहीं है.
-गणेश गोदियाल, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष

हरक सिंह रावत ने सराकर को घेरा: उन्होंने मांग उठाई कि अंकिता के माता-पिता को तत्काल रिहा किया जाए. दिल्ली में मौजूद उत्तराखंड के सभी भाई-बहन उनसे संपर्क कर हरसंभव मदद करें. इधर, इस मामले को लेकर के कांग्रेस पार्टी के चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत ने भी सोशल मीडिया में एक वीडियो जारी करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी है.

अभी-अभी यह सूचना मिली है कि अंकिता भंडारी के माता-पिता को दिल्ली पुलिस ने अपनी हिरासत में लिया है. इस प्रकरण से केंद्र की बीजेपी सरकार इतनी बौखला गई है कि जब भी अंकिता के माता-पिता इंडिया गेट की तरफ जाते हैं, तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाता है. दिल्ली पुलिस की तरफ से अंकिता के माता-पिता को इधर-उधर घुमाया गया, लेकिन जब उनकी माता की तबीयत खराब हुई, तब उनको बुराड़ी के किसी अस्पताल में एडमिट किया गया.
– हरक सिंह रावत, कांग्रेस नेता

उन्होंने भी दिल्ली में रहने वाले प्रवासी लोगों से अपील की है कि केंद्रीय गृह मंत्री का उत्तराखंड दौरा है, दूसरी तरफ अंकिता के माता-पिता को गिरफ्तार कर लिया गया है. ये निश्चित रूप से यह दर्शाता है कि केंद्र और राज्य की बीजेपी सरकार अंकिता के माता-पिता से भयभीत हो गई है.

क्या है अंकिता भंडारी मर्डर केस?
बता दें कि अंकिता भंडारी पौड़ी गढ़वाल के श्रीकोट डोभ गांव की रहने वाली थी. जो ऋषिकेश से सटे यमकेश्वर ब्लॉक के गंगा भोगपुर स्थित वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट की नौकरी करती थी. जो अचानक 18 सितंबर 2022 को लापता हुई और 24 सितंबर 2022 को चीला बैराज क्षेत्र में नहर से उसका शव बरामद हुआ.

रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उसके दोस्त अंकित गुप्ता, मैनेजर सौरभ भास्कर ने अंकिता भंडारी को 18 सितंबर 2022 की रात चीला बैराज की नहर में धक्का दे दिया था. जिससे उसकी जान चली गई थी. इस घटना के बाद पूरे उत्तराखंड में बवाल हुआ. वहीं, 30 मई 2025 को कोर्ट ने तीनों आरोपियों को दोषी ठहराया और उम्र कैद की सजा सुनाई. इस मामले में अभी सीबीआई जांच चल रही है.

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