उत्तराखंडक्राइमदेश-विदेशबड़ी खबर

पुलिस को छका रहा रेखा आर्या का पति गिरधारी लाल साहू आखिरकार झांसी से गिरफ्तार, नेपाल भागने वाला था

देहरादून, 7 नवम्बर, 26. उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरफ्तार कर लिए गए हैं. गिरधारी रेखा आर्या पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के बाद से फरार चल रहे थे. पहले पुलिस और फिर एसआईटी उन्हें हर जगह तलाश कर रही थी. गिरधारी लाल साहू के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी था. गिरधारी लाल साहू के साथ उनके भतीजे को भी एसआईटी ने गिरफ्तार किया है.

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या का पति गिरधारी लाल गिरफ्तार
लंबे समय से फरार चल रहे गिरधारी लाल साहू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या की शिकायत पर देहरादून की कैंट कोतवाली में उनके पति गिरधारी लाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था. गिरधारी लाल साहू के खिलाफ एसआईटी ने गैर जमानती वारंट जारी किया था. तभी लग गया था कि अब गिरधारी की पुलिस के साथ आंख मिचौली ज्यादा दिन नहीं चलेगी.

एसआईटी ने गिरधारी लाल को झांसी से गिरफ्तार किया
गिरधारी लाल साहू की गिरफ्तारी के लिए उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही थीं. पुलिस सूत्रों के अनुसार गिरधारी को उत्तर प्रदेश के झांसी से गिरफ्तार किया गया है. बताया जा रहा है कि वो यहां से गोरखपुर होते हुए नेपाल भागने की फिराक में था. आज दोपहर एसआईटी प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इस पूरे मामले का खुलासा करेगी. जया बलूनी एसआईटी टीम को लीड कर रही हैं.

रेखा आर्या ने गिरधारी लाल साहू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है
उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ शिकायत में मारपीट, उत्पीड़न, धोखाधड़ी, जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल, जान से मारने की धमकी और हत्या की साजिश जैसे गंभीर आरोप लगाए थे. उन्होंने यह आरोप भी लगाया था कि पति गिरधारी लाल ने पहली शादी की जानकारी छिपाकर उनसे विवाह किया. कथित रूप से फर्जी हस्ताक्षरों के जरिये उन्हें कंपनियों के निदेशक पद से हटाया. इन आरोपों की जांच पुलिस कर रही है.

गिरधारी लाल के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी था
मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआइटी) गठित किया गया था. पुलिस के अनुसार, पूछताछ के लिए तीन नोटिस भेजे जाने के बावजूद गिरधारी लाल जांच में शामिल नहीं हुए थे. इसके बाद न्यायालय से गैर जमानती वारंट हासिल किया गया. उनकी अग्रिम जमानत याचिका भी खारिज हो चुकी थी. इसके साथ ही हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे को खारिज करने से भी इनकार किया था.

आरोपी पर 44 मुकदमे
पुलिस के मुताबिक जांच में पता चला कि गिरधारी लाल साहू के खिलाफ उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के अलग-अलग थानों में हत्या, हत्या के प्रयास, बलवा और गैंगस्टर एक्ट समेत 44 मुकदमे दर्ज हैं.

कई राज्यों में दबिश, मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तारी
दोनों आरोपियों की तलाश में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में संभावित ठिकानों पर अलग अलग टीमें भेजी गई थी. इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और अन्य माध्यमों से जानकारी जुटाई गई, जिसके बाद 6 नवंबर को मुखबिर की सूचना पर गिरधारी लाल झांसी से और सतेंद्र जोगी नवादा, बरेली से पकड़ा गया. फिलहाल एसआईटी दोनों से मामले को लेकर गहन पूछताछ कर रही है.

गिरधारी ने अपनी चार कंपनियों से हटा दिया था रेखा आर्या का नाम
विवेचना के दौरान गवाहों के बयानों व प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर अभियुक्त गिरधारी लाल द्वारा वादिनी के साथ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किये जाने व अपने भतीजे सतेन्द्र राठौर के साथ मिलकर वादिनी के फर्जी हस्ताक्षर कर व कूटरचित दस्तावेज तैयार कर उनके आधार पर अनुचित लाभ पाने के उद्देश्य से उन्हें 04 कम्पनियों देवों के देव महादेव, बनखण्डी रुद्राक्ष धाम, श्री अम्बे ऑटो डीलर्स प्राइवेट लिमि. और श्री बनखण्डी धाम डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड में निदेशक के पद से हटाते हुए अपने भतीजे सतेन्द्र राठौर को उक्त चारों कम्पनियों में निदेशक बनाये जाने के तथ्य प्रकाश में आये. प्रकरण में अभियुक्त गिरधारी लाल साहू के भतीजे सतेन्द्र राठौर की संलिप्तता प्रकाश में आने पर अभियोग में सतेन्द्र राठौर के नाम की वृद्धि की गई.

Related Articles

Back to top button