
यमकेश्वर, 20 अप्रैल। उत्तराखंड के पौड़ी में भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए. जिससे कुछ समय के लिए स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बन गया. हालांकि, किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है. उधर, शाम को बागेश्वर जिले में भी भूकंप आया. वहां भी किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ.
मल्ला बनास के पास 3 मैग्नीट्यूड का भूकंप किया गया दर्ज
जानकारी के मुताबिक, पौड़ी जिले के बनास मल्ला क्षेत्र के पास करीब 3 मैग्नीट्यूड तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया. पौड़ी जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी दीपेश चंद्र काला ने बताया कि यह भूकंप कम तीव्रता का था, इसलिए इससे किसी प्रकार के नुकसान की आशंका नहीं थी. उन्होंने स्पष्ट किया कि आमतौर पर 5 मैग्नीट्यूड से कम तीव्रता वाले भूकंप अलार्म सिस्टम को सक्रिय नहीं करते हैं. जबकि 5 या उससे ज्यादा तीव्रता होने पर अलार्म के माध्यम से समय रहते सूचना मिल जाती है, जिससे राहत एवं बचाव कार्य तेजी से शुरू किए जा सकते हैं.
वहीं, भूकंप के झटके महसूस होने के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया और संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया. हालांकि, राहत की बात ये रही कि अब तक किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना सामने नहीं आई है. जिले में सभी गतिविधियां सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है.
बागेश्वर में भी शाम को महसूस किये गये भूकंप के झटके
बागेश्वर जिले में भूकंप के झटकों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार शाम एक बार फिर रिक्टर स्केल पर 2.5 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र कपकोट तहसील के सूपी के समीपवर्ती क्षेत्र में जमीन के भीतर पांच किलोमीटर की गहराई पर था। लगातार आ रहे इन झटकों से सीमांत क्षेत्र के लोगों में दहशत का माहौल है। इससे पहले बीते रविवार को भी जिले में तीन बार भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए थे। 24 घंटे के भीतर चौथी बार आए इस झटके ने प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को भी अलर्ट मोड पर ला दिया है।
जिले के किसी भी हिस्से से जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है। सभी तहसीलों से रिपोर्ट ली जा रही है और आपदा प्रबंधन टीम पूरी तरह सतर्क है।
शिखा सुयाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी
उत्तराखंड में अक्सर आते हैं भूकंप
उत्तराखंड एक हिमालयी राज्य है, जो भूकंप के दृष्टिगत काफी संवेदनशील राज्य है. आए दिन यहां भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं. पहाड़ी क्षेत्रों में भूकंप की घटनाएं समय-समय पर होती रहती हैं, क्योंकि यह इलाका भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है. यही कारण है कि उत्तराखंड राज्य को भूकंप के लिहाज से जोन 6 में रखा गया है. हालांकि, इससे पहले उत्तराखंड राज्य को भूकंप की संवेदनशीलता के आधार पर जोन 4 और 5 में रखा गया था, लेकिन साल 2025 में भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने देशभर में भूकंप की संवेदनशीलता को देखते हुए नया मैप जारी किया. जिसमें उत्तराखंड को जोन 4 और 5 से हटाकर जोन 6 में शामिल किया गया है.



