
हरिद्वार, 8 जुलाई, 26. आगामी कांवड़ मेले की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और सुरक्षा मानकों को पुख्ता करने के लिए मनसा देवी और चंडी देवी दोनों रोपवे का अर्धवार्षिक मेंटेनेंस और तकनीकी परीक्षण शरू कर दिया गया है। रोपवे का संचालन करने वाली कंपनी उषा ब्रेकों की ओर से ये जानकारी दी गई है. कंपनी ने बताया 8 से 11 जुलाई तक मनसा देवी मंदिर और 13 से 16 जुलाई तक चंडी देवी मंदिर का रोपवे मेंटेनेंस के लिए बंद रखा जाएगा.
8-11 मनसा देवी और 13-16 जुलाई तक चंडी देवी रोपवे रहेगा बंद
मनसा देवी और चंडी देवी मंदिर के रोपवे बंद होने के कारण मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचने वाले हजारों श्रद्धालुओं को पैदल मार्ग से ही मंदिर तक जाना होगा. कांवड़ मेले से पहले कंपनी की ओर से अर्धवार्षिक मेंटेनेंस किया जा रहा है. इस दौरान रोपवे और पुलों की देखरेख करने वाली सरकारी संस्था ब्रिडकुल की ओर से नामित अधिकारी भी रोपवे का निरीक्षण करेंगे. जून महीने में मनसा देवी रोपवे की नई मुख्य केबल बदली गयी थी। इस शटडाउन के दौरान 10 जुलाई को उस नई रोप का फाइनल तकनीकी परीक्षण किया जायेगा।
रोजाना करीब हजारों श्रद्धालुओं की आवाजाही
हरिद्वार का मनसा देवी मंदिर और चंडी देवी मंदिर ऊंची पहाड़ी पर स्थित हैं. दोनों मंदिरों में श्रद्धालुओं की गहरी आस्था है. यही कारण है कि मनसा देवी और चंडी देवी मंदिर में रोजाना करीब चालीस हजार श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं. मनसा देवी मंदिर करीब डेढ़ किलोमीटर और चंडी देवी मंदिर तीन किलोमीर ऊंचाई पर स्थित है. दोनों मंदिरों में जाने के लिए पैदल मार्ग और रोपवे का इस्तेमाल किया जाता है. मनसा देवी मंदिर में रोपवे से औसतन दस हजार और चंडी देवी मंदिर में तीन हजार श्रद्धालु रोपवे का सहारा लेते हैं.
मेंटेनेंस वर्क के दौरान रोपवे का संचालन करने वाली कंपनी ऊषा ब्रेको की ओर से नया रोपवे लगाने की योजना पर भी काम किया जाएगा. जब तक मेंटेनेंस का कार्य चलेगा, तब इसी दौरान सर्वे भी किया जाएगा. रोपवे का सर्वे करने वाली कंपनी ब्रिडकुल के अधिकारियों द्वारा यह सर्वे किया जाएगा. सर्वे के बाद यदि सभी रिपोर्ट सही पाई गई तो पुराने रोपवे की जगह नया रोपवे बनाया जाएगा. हालांकि, इस कार्य में अभी समय लग सकता है. नया रोपवे लगाने की समय सीमा अभी तय नहीं की गई है. इस पूरे मेंटेनेंस और सुरक्षा मानकों की जांच शासन की संस्था ब्रिडकुल द्वारा नामित विशेषज्ञ समिति की देखरेख में किया जा रहा है, ताकि कांवड़ मेले के दौरान कोई तकनीकी दिक्कत न आए।
मनोज डोभाल, महाप्रबंधक, ऊषा ब्रेको



