
देहरादून, 13 जुलाई, 26. बदरीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी के चर्चित प्रकरण में चमोली पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल को देहरादून स्थित उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीम सादी वर्दी में पहुंची थी. गिरफ्तारी के बाद आरोपी को चमोली लाया गया, जहां आरोपी से मामले के संबंध में विस्तृत पूछताछ की जा रही है. रविवार देर रात करीब 11 बजे आरोपी को पुलिस ने उन्हें देहरादून से पकड़ा। गिरफ्तारी के बाद पुलिस टीम आरोपी को पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए बदरीनाथ कार्यालय लेकर आई है।
कौन है आरोपी प्रमोद नौटियाल
प्रमोद नौटियाल बीकेटीसी के अध्यक्ष के कार्यालय में निजी सहायक (पीए) के पद पर तैनात था। रसूखदार पद होने के कारण उनकी ड्यूटी बदरीनाथ धाम में प्रोटोकाल और दान पेटियों से निकलने वाले चढ़ावे की गिनती के लिए लगाई गयी थी। बीते दिनों गिरफ्तारी से बचने के लिए प्रमोद नौटियाल उत्तराखंड हाईकोर्ट की शरण में गए थे और निलंबन आदेश और पुलिस की एफआईआर को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने बीकेटीसी से स्थिति स्पष्ट करने को कहा था और मामले की सुनवाई के लिए 16 जुलाई की तारीख दी थी. लेकिन इससे पहले ही प्रमोद नौटियाल को गिरफ्तार कर लिया गया है. वहीं इस मामले में कुछ और लोगों की भी गिरफ्तारी होने का अंदेशा जताया जा रहा है.
आरोपी प्रमोद नौटियाल को रविवार देर रात उनके देहरादून स्थित आवास से गिरफ्तार किया गया. इसके पश्चात उन्हें चमोली लाया गया और प्रकरण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ की जा रही है. बताया कि, जांच टीम दस्तावेजों,अभिलेखों तथा अन्य साक्ष्यों का परीक्षण कर रही है. पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच जारी है, जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. नियमानुसार आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा.
सुरजीत सिंह पंवार, पुलिस अधीक्षक, चमोली
पूरा मामला जानिए
भैरव सेना के संस्थापक संदीप खत्री ने इस मामले का सबसे पहले खुलासा किया था. संदीप खत्री ने आरोप लगाया था कि उन्हें इस तरह की जानकारी मिली है कि बदरीनाथ मंदिर में भक्तों द्वारा दिए गए दान की चोरी हो रही है. भैरव सेना के संस्थापक के आरोपों के बाद उत्तराखंड में सियासी पारा चढ़ गया. मामले के सामने आने के बाद बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने चार सदस्य जांच समिति का गठन किया था. वहीं मामला सुर्खियों में आया तो प्रदेश सरकार ने भी तीन सदस्य उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित कर दी. वहीं बदरीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी के आरोप में बीकेटीसी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को निलंबित किया गया. साथ ही उस पर मुकदमा भी दर्ज किया गया.
25 जून को भी नोटों की गड्डी ले जाते दिखा आरोपी नौटियालपुलिस के अनुसार, बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे की गणना सामान्यतः तीन से चार दिन के अंतराल में होती है। इस अवधि में 25 जून, 29 जून और 2 जुलाई को गणना की गई थी। जांच टीम ने इन तीनों दिनों के सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में लेकर क्रमवार देख रही है। रविवार को पुलिस ने जब 25 जून को हुई गणना की सीसीटीवी फुटेज खंगाली तो इसमें भी आरोपी कर्मचारी नोटों की गड्डी ले जाते हुए दिख रहा है।
रविवार को पुलिस ने बीकेटीसी के कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए। दो जुलाई को हुई चढ़ावे की गणना के दौरान आरोपी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल समेत 12 से अधिक लोग गणना कक्ष में मौजूद थे। इनमें कुछ स्थानीय साधु-संत भी थे, जो अक्सर चढ़ावे की गणना की प्रक्रिया में भाग लेते रहे हैं। पुलिस उनसे भी पूछताछ कर रही है।
लैपटाप और शालिग्राम पत्थर बरामद, कैश गायब
एसआईटी के अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के कब्जे से एक लैपटाप और शालिग्राम पत्थर बरामद कर लिया गया है, हालांकि अभी तक कोई कैश बरामद नहीं हुआ है। चमोली पुलिस आरोपी को न्यायालय में पेश करने के साथ ही पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है, ताकि चोरी की गयी नकदी और अन्य साथियों का पता लगाया जा सके।



