
पौड़ी, 24 जुलाई, 26. आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक के मार्गदर्शन में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में जनपद पौड़ी गढ़वाल में एक नई पहल की गई है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत आपदा मद से खरीदे गए बुशकटर ग्राम पंचायतों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि बरसात के दौरान झाड़ियों की समयबद्ध सफाई कर आपदा जोखिम को कम किया जा सके।
पायलट प्रोजेक्ट के तहत पहले चरण में 55 ग्राम पंचायतों को सौंपे बुशकटर
जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने शुक्रवार को जिला मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में ग्राम प्रधानों को बुशकटर वितरित किए। उन्होंने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के तहत प्रथम चरण में जनपद की 55 ग्राम पंचायतों को बुशकटर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। कार्यक्रम में उपस्थित ग्राम प्रधानों को मौके पर ही बुशकटर सौंपे गए, जबकि अन्य प्रधान संबंधित तहसीलों से इन्हें प्राप्त कर सकेंगे। जिलाधिकारी ने कहा कि इस पायलट प्रोजेक्ट के परिणामों एवं ग्राम प्रधानों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर आगामी चरणों में अन्य ग्राम पंचायतों को भी इस पहल से जोड़ा जाएगा।
समय पर झाड़ियों की कटान से दुर्घटनाओं से बचा जा सकेगा
जिलाधिकारी ने कहा कि बरसात के मौसम में सड़कों, संपर्क मार्गों, पैदल रास्तों, सार्वजनिक स्थलों तथा जल निकासी मार्गों के किनारे झाड़ियां तेजी से बढ़ जाती हैं, जिससे आवागमन प्रभावित होने के साथ-साथ राहत एवं बचाव कार्यों में भी कठिनाई आती है। समय पर झाड़ियों की कटान से दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी तथा आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य अधिक सुगमता से संचालित किए जा सकेंगे।
ग्राम प्रधान नियमित एवं जिम्मेदारी के साथ उपयोग करें बुशकटरों का
उन्होंने ग्राम प्रधानों से बुशकटरों का नियमित एवं जिम्मेदारी के साथ उपयोग सुनिश्चित करने का आह्वान करते हुए कहा कि इनका उपयोग केवल झाड़ियों की सफाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि गांवों में स्वच्छता, सुरक्षित आवागमन और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को भी मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों से नियमित फीडबैक लिया जाएगा, जिससे इस पहल को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
बुशकटर प्राप्त करने वाले ग्राम प्रधानों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे गांवों, संपर्क मार्गों, सार्वजनिक स्थलों और जल निकासी मार्गों के आसपास उगी झाड़ियों की समयबद्ध सफाई संभव होगी। इससे ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलेगी, जंगली जानवरों का खतरा कम होगा, स्वच्छ वातावरण बना रहेगा तथा आपदा संबंधी जोखिमों में भी कमी आएगी।
इस अवसर पर जिला पंचायतीराज अधिकारी जितेंद्र कुमार, सहायक जिला पंचायतीराज अधिकारी प्रदीप सुन्दरियाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी दीपेश काला सहित संबंधित अधिकारी एवं ग्राम प्रधान उपस्थित रहे।



