लुधियाना में आज से धीरेंद्र शास्त्री की हनुमंत कथा में 70 हजार श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीद

लुधियाना, 25 सितंबर, 26. पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं और इसी बीच लुधियाना में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की पहली हनुमंत कथा होने जा रही है। 26 से 30 सितंबर तक होने वाले इस बड़े धार्मिक आयोजन में करीब 70 हजार लोगों के पहुंचने की व्यवस्था की गई है। चुनाव से पहले इतने बड़े स्तर पर होने वाले इस आयोजन को लेकर राजनीतिक हलकों की भी नजर रहेगी, हालांकि आयोजकों ने इसे धार्मिक कार्यक्रम बताया है। इस कथा का आयोजन चंडीगढ़ रोड स्थित वर्धमान मिल्स के सामने GLADA ग्राउंड में होगा। आयोजन मंगलम वेलफेयर एंड चैरिटेबल सोसायटी की ओर से कराया जा रहा है।
2500 महिलाओं की कलश यात्रा भी निकाली जाएगी
आयोजकों के मुताबिक, कथा के लिए करीब एक लाख वर्ग फीट में पंडाल तैयार किया जा रहा है और लगभग 70 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। आयोजन से पहले करीब 2500 महिलाओं की कलश यात्रा भी निकाली जाएगी। धीरेंद्र शास्त्री शुक्रवार शाम हलवारा एयरपोर्ट पहुंचेंगे और कैलाश नगर में ठहरेंगे। आयोजन समिति के अनुसार, लुधियाना में पहली बार धीरेंद्र शास्त्री की हनुमंत कथा हो रही है। कथा में हनुमान भक्ति के साथ भगवान श्रीराम से जुड़े प्रसंग भी सुनाए जाएंगे। आयोजकों को उम्मीद है कि लुधियाना के अलावा पंजाब के दूसरे जिलों और पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे। भीड़ को देखते हुए आयोजन स्थल पर पार्किंग, पेयजल, चिकित्सा सहायता, प्रवेश और सुरक्षा के इंतजाम किए जा रहे हैं। पुलिस और ट्रैफिक विभाग की ओर से भी विशेष व्यवस्था की जा रही है।
धीरेंद्र शास्त्री की थ्री लेयर सुरक्षा
70 हजार के करीब लोगों की संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आयोजन स्थल पर थ्री-टियर सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। इंटेलिजेंस टीमें भी सुरक्षा से जुड़ी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा रही हैं। चंडीगढ़ रोड पर ट्रैफिक का दबाव न बढ़े, इसके लिए ट्रैफिक पुलिस पांच दिनों के आयोजन नको ध्यान में रखते हुए विशेष रूट प्लान तैयार कर रही है।
2027 विधानसभा चुनाव से पहले आयोजन पर राजनीतिक नजर
यह आयोजन ऐसे समय हो रहा है जब पंजाब में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होना है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार पंजाब विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 16 मार्च 2027 को पूरा होना है। इस वजह से इतने बड़े धार्मिक आयोजन को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा होना स्वाभाविक है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह कार्यक्रम एक धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजन के रूप में आयोजकों की ओर से प्रस्तुत किया गया है, किसी राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं बताया गया है। बता दें कि पंजाब में चुनावी गतिविधियां पहले से तेज हो रही हैं। हाल के दिनों में राजनीतिक दलों के कार्यक्रमों और जनसंपर्क गतिविधियों में भी तेजी देखी गई है।



