
देहरादून, 7 अक्टूबर, 26. पश्चिम एशिया में युद्ध के बाद पैदा हुई आपूर्ति व्यवस्था की दिक्कत का असर अब दून की रसोई तक पहुंचने लगा है। तेल कंपनियों का पोर्टल ठप होने से जिले में घरेलू गैस के 1400 से अधिक नए कनेक्शन अटक गए हैं। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित होने और तेल कंपनियों का पोर्टल ठप होने के कारण जिले में घरेलू गैस कनेक्शन जारी करने पर फिलहाल ब्रेक लग गया है।
नए कनेक्शन के इंतजार में उपभोक्ता गैस एजेंसियों के चक्कर काट रहे हैं। इस बीच तेल कंपनियों ने तत्काल जरूरत पूरी करने के लिए वैकल्पिक रास्ता निकाला है। भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और इंडियन आयल कारपोरेशन लिमिटेड (आइओसीएल) ने 10 किलोग्राम के कंपोजिट सिलेंडर की सेवा शुरू कर दी है।
नया कंपोजिट कनेक्शन लेने के लिए उपभोक्ताओं को करीब 4500 ले 5000 रुपये तक चुकाने होंगे। इसमें सिलेंडर डिपाजिट, कनेक्शन फीस और पहली बार भरी जाने वाली गैस की कीमत शामिल है। कंपोजिट सिलेंडर का कनेक्शन बिना लंबी औपचारिकता के केवल आधार कार्ड और पैन कार्ड के जरिये जारी किया जा रहा है।
लोहे के सिलेंडर से हल्का, गैस की मात्रा भी दिखेगी
10 किलो का कंपोजिट सिलेंडर पारंपरिक लोहे के सिलेंडर की तुलना में काफी हल्का है। इसकी बाहरी संरचना कंपोजिट सामग्री से बनी होने के कारण इसमें जंग लगने की समस्या नहीं रहती। पारदर्शी डिजाइन का सबसे बड़ा फायदा यह है कि उपभोक्ता सिलेंडर उठाए बिना ही अंदर बची गैस की मात्रा देख सकता है। नए कनेक्शन के लिए उपभोक्ता को करीब 4500 से 5000 रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं। इसमें सिलेंडर, कनेक्शन शुल्क और पहली बार भरी जाने वाली गैस की कीमत शामिल है। आधार और पैन कार्ड के आधार पर प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
देहरादून जिले में कुल 70 गैस एजेंसियां हैं। इनमें 53 इंडेन, 10 भारत गैस और सात हिंदुस्तान पेट्रोलियम की एजेंसियां शामिल हैं। वर्तमान में इंडेन और भारत गैस की सभी एजेंसियों समेत 63 एजेंसियों पर कंपोजिट सिलेंडर उपलब्ध कराया गया है। विभाग के अनुसार घरों के अलावा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।
इंडेन और भारत गैस की एजेंसियों पर कंपोजिट सिलेंडर की सुविधा उपलब्ध है। इसका इस्तेमाल घरेलू और व्यावसायिक दोनों जरूरतों के लिए किया जा सकता है।
– केके अग्रवाल, जिला आपूर्ति अधिकारी



