बिथ्याणी डिग्री कॉलेज में गढ़ भोज दिवस पर औषधीय गुणों से भरपूर पहाड़ी व्यंजनों का प्रदर्शन

यमकेश्वर, 7 अक्टूबर, 26. महायोगी गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय, बिथ्याणी में ‘गढ़ भोज दिवस’ एवं ‘सेवा संकल्प सप्ताह’ उत्साह और धूमधाम से मनाया गया। उत्तराखंड की पारंपरिक खाद्य संस्कृति, पहाड़ी अनाजों और स्थानीय व्यंजनों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से परिसर में विविध सांस्कृतिक व रचनात्मक गतिविधियां आयोजित की गईं। ’सेवा संकल्प सप्ताह’ के तहत प्राध्यापकों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं ने महाविद्यालय परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया।


मंडुवे की रोटी, झंगोरे का पाल्यओ और पत्यूड़ आकर्षक का केंद्र रहे
गढ़भोज दिवस के उपलक्ष्य में छात्र-छात्राओं द्वारा लगाए गए पारंपरिक पहाड़ी फूड स्टाल पूरे कार्यक्रम में मुख्य आकर्षण का केंद्र रहे। कॉलेज के बच्चों द्वारा लगाए गए स्टालों पर अरबी के पत्तों की रबड़ी, मंडुवे की रोटी, झंगोरे का पाल्यओ, मंडुवे के गुलगुले और पत्यूड़ (patyur) जैसे दुर्लभ पहाड़ी व्यंजन मुख्य आकर्षण रहे। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर बेहद पसंद की जाने वाली बाड़ी, मंडुवे की पूरी, उड़द की पकौड़ी, कद्दू के फूल की पकौड़ी, उड़द की दाल और पारंपरिक स्वाल के स्टालों पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ी।
औषधीय गुणों से भरपूर हैं पहाड़ी व्यंजन : प्राचार्य

महाविद्यालय के प्राचार्य, प्राध्यापकों और कर्मचारियों ने व्यंजनों का स्वाद चखकर छात्र-छात्राओं के हुनर की सराहना की। प्राचार्य प्रो. (डॉ.) योगेश कुमार शर्मा ने युवाओं को फास्ट फूड से दूर रहकर औषधीय गुणों से भरपूर पहाड़ी भोजन अपनाने और अपनी संस्कृति से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। छात्र छात्राओं द्वारा तैयार किए गए व्यंजनों के स्टॉल ने यह साबित कर दिया कि पहाड़ का पारंपरिक भोजन न सिर्फ पौष्टिक है बल्कि बेहद स्वादिष्ट भी है।
कार्यक्रम का संयोजन रोवर-रेंजर्स समन्वयक डॉ. रितु कश्यप एवं राष्ट्रीय सेवा योजना की सह-समन्वयक डॉ. हिमानी बडोनी ने किया, जबकि मंच संचालन डॉ. नीरज नौटियाल द्वारा किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।



