
पौड़ी, 28 मई। अंतर्राष्ट्रीय मासिक धर्म स्वच्छता दिवस के अवसर पर महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा जनपद पौड़ी गढ़वाल जिले के सभी विकासखंडों में व्यापक जागरुकता अभियान चलाकर बहुत ही सराहनीय और संवेदनशील पहल की गयी। इस विशेष अभियान के तहत 500 से अधिक किशोरियों (adolescent girls) को निशुल्क सेनेटरी नैपकिन वितरित किये गये और उन्हें मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन, व्यक्तिगत स्वच्छता तथा प्रजनन स्वास्थ्य से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य
पहाड़ी और ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी मासिक धर्म periods को लेकर खुलकर बात करने में झिझक या संकोच देखा जाता है। इस रूढ़िवादिता और झिझक को तोड़ना ही इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य था। किशोरियों को यह समझाना कि यह एक पूरी तरह सामान्य और प्राकृतिक जैविक प्रक्रिया है, जिससे शर्माने की नहीं, बल्कि स्वच्छता बरतने की जरूरत है। इसी के तहत जिलेभर में विस्तृत अभियान चलाकर 500 से अधिक किशोरियों को निःशुल्क सैनिटरी नैपकिन वितरित किए गए। साथ ही सैनिटरी नैपकिन के सुरक्षित एवं स्वच्छ उपयोग, उचित निस्तारण तथा स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों के बारे में भी विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई।
जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र थपलियाल ने बताया कि जनपद के सभी विकासखंडों में यह विशेष जागरुकता कार्यक्रम संचालित किया गया। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा पूर्व में भी विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं सार्वजनिक स्थलों पर सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीनें स्थापित करायी जा रही हैं, ताकि किशोरियों एवं महिलाओं को आवश्यक सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो सकें।
हर वर्ष 28 मई को मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय मासिक धर्म स्वच्छता दिवस
उन्होंने बताया कि प्रत्येक वर्ष 28 मई को अंतर्राष्ट्रीय मासिक धर्म स्वच्छता दिवस मनाया जाता है। यह दिन महिलाओं के औसत 28 दिवसीय मासिक धर्म चक्र और लगभग पांच दिनों की मासिक अवधि का प्रतीक माना जाता है। कार्यक्रमों में किशोरियों को यह संदेश दिया गया कि मासिक धर्म एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसे लेकर जागरुकता, स्वच्छता और सही जानकारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऐसे जागरुकता कार्यक्रम महिलाओं एवं किशोरियों के स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और सम्मानजनक जीवनशैली को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
उत्तराखंड सरकार की सतत योजनाएं
यह आयोजन इस विशेष दिवस पर बड़े स्तर पर किया गया, लेकिन उत्तराखंड में स्वास्थ्य विभाग राष्ट्रीय कशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम (RKSK) और बाल विकास विभाग के तहत निरमित रूप से आशा कार्यकर्ताओं और आंगनबाड़ी केेंद्रोंं के माध्यम सेे नाममात्र की दर (6 रुपये प्रति पैड) पर सेनेटरी नैपकिन नियमित रूप से उपलब्ध कराये जाते हैं।



