उपनल संविदा कर्मियों के मामले में HC ने सरकार को दो हफ्ते के अंदर रिपोर्ट पेश करने को कहा

नैनीताल, 9 जून। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने प्रदेश के सरकारी विभागों में वर्षों से लगे उपनल संविदा कर्मचारियों को आदेश होने के बाद भी सरकार द्वारा नियमित नहीं करने और उन्हें चयनित वेतनमान नहीं दिये जाने तथा उनको दिए गए वेतन से जीएसटी काटे जाने के खिलाफ दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई की.
उपनल संविदा कर्मचारियों के मामले में लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई
मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने राज्य सरकार से पूर्व के आदेशों का अनुपालन करते हुए 2 सप्ताह में रिपोर्ट पेश करने को कहा है. मामले की सुनवाई के लिए कोर्ट ने 2 जुलाई की तिथि नियत की है. आज मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ में हुई.
पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राज्य सरकार से कहा था कि पहले इन्हें न्यूनतम वेतनमान दिया जाये, लेकिन याचिकाकर्ताओं की तरफ से कहा गया कि सरकार ने अभी तक किसी भी आदेश का अनुपालन नहीं किया है. कई कर्मचारियों की सेवाएं बीस बीस साल से अधिक की हो गयी हैं. कई सेवानिवृत्त होने के कगार पर हैं. इसलिए कोर्ट के आदेशों का कड़ाई से अनुपालन करवाया जाये. याचिकाकार्ताओं ने कहा सरकार मामले को गम्भीरता से नहीं ले रही है.
उपनल कर्मचारी संघ ने कहा पूर्व के आदेशों का अनुपालन नहीं कर रही सरकार
मामले के अनुसार उपनल कर्मचारी संघ ने उच्च न्यायालय में अवमानना याचिका दायर की है. जिसमें उपनल कर्मचारी संघ ने कहा है कि नवंबर 2025 मे कोर्ट की खंडपीठ द्वारा पारित आदेश का अनुपालन अभी तक राज्य सरकार ने नहीं किया है. कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि उपनल कर्मचारीयों को पहले समान कार्य समान वेतन दिया जाये. साथ ही उनके वेतन पर लगने वाले जीएसटी को न वसूला जाये. नियमितीकरण की प्रक्रिया अपनाई जाये.
उपनल कर्मचारी संघ ने उच्च न्यायालय ने कोर्ट में बताया कि सरकार की ओर से अभी तक इस मामले में कोई निर्णय नहीं लिया गया है. इस मामले में कोर्ट ने 2 सप्ताह में रिपोर्ट पेश करने को कहा है.



