रोनाल्डो ने क्रोएशिया के खिलाफ पेनल्टी पर दागा फीफा विश्व कप इतिहास का अपना पहला नॉकआउट गोल

स्पोर्ट्स डेस्क। फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ 32 में पुर्तगाल और क्रोएशिया के बीच टोरंटो में खेले जा रहे मुकाबले में क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने इतिहास रच दिया। 41 वर्षीय स्टार ने न केवल विश्व कप नॉकआउट चरण में अपने करियर का पहला गोल किया, बल्कि टूर्नामेंट के इतिहास में एक और बड़ा रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया।
रोनाल्डो के पेनल्टी से पुर्तगाल की वापसी
दूसरे हाफ के 53वें मिनट में क्रोएशिया ने इवान पेरिसिच के गोल की बदौलत 1-0 की बढ़त बना ली थी। इसके बाद 64वें मिनट में पुर्तगाल को कॉर्नर मिला। बॉक्स के अंदर निकोला व्लासिच द्वारा पुर्तगाली खिलाड़ी को रोकने की कोशिश पर रेफरी ने VAR की मदद ली और पेनल्टी दे दी। रोनाल्डो ने बिना कोई गलती किए गेंद को गोल में पहुंचाया और स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। क्रोएशिया के खिलाफ खेले गये इस बेहद रोमांचक मुकाबले में पुर्तगाल की टीम 0-1 से पिछड़ रही थी।
रोनाल्डो का विश्व कप नॉकआउट में पहला गोल
यह गोल रोनाल्डो के लिए बेहद खास रहा, क्योंकि उन्होंने पहली बार फीफा विश्व कप के नॉकआउट मुकाबले में गोल दागा। इससे पहले विश्व कप में उनके सभी गोल ग्रुप चरण में आए थे। मौजूदा टूर्नामेंट में यह उनका तीसरा गोल है। इससे पहले उन्होंने ग्रुप चरण में उज्बेकिस्तान के खिलाफ दो गोल किए थे।
अब विश्व कप में कुल 11 गोल
इस गोल के साथ रोनाल्डो के नाम अब फीफा विश्व कप में कुल 11 गोल हो गए हैं। वह विश्व कप इतिहास के सबसे सफल गोल स्कोररों में अपनी जगह और मजबूत करने में सफल रहे हैं। पेनल्टी के ठीक बाद 81वें मिनट में रोनाल्डो को सब्सटिट्यूट किया गया। उनकी जगह रुबेन नेवेस मैदान पर आए। कोच के इस फैसले पर रोनाल्डो थोड़े निराश भी नजर आए। बहरहाल, रोनाल्डो ने इस गोल के साथ अपने संभावित आखिरी विश्व कप को बेहद यादगार बना दिया है।
41 साल 147 दिन की उम्र में बनाया रिकॉर्ड
इस मुकाबले में मैदान पर उतरते ही रोनाल्डो ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। 41 साल और 147 दिन की उम्र में वह फीफा विश्व कप के नॉकआउट मुकाबले में खेलने वाले इतिहास के सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए। यह उपलब्धि उनके लंबे और शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर का एक और यादगार अध्याय बन गई।
पहले हाफ में पुर्तगाल का दबदबा
पहले हाफ में पुर्तगाल ने लगभग 60 प्रतिशत गेंद पर कब्जा रखा और नौ गोल प्रयास किए, जबकि क्रोएशिया केवल तीन प्रयास ही कर सका। हालांकि रोनाल्डो शुरुआती मिनटों में हेडर से मिला आसान मौका नहीं भुना पाए थे, लेकिन दूसरे हाफ में पेनल्टी पर गोल कर उन्होंने अपनी टीम की मुकाबले में शानदार वापसी कराई।



