पहाड़ों में रोजगार की नई उड़ान: मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना के आवेदन शुरू, 14 अगस्त है लास्टडेट

पौड़ी, 10 जुलाई, 26. उत्तराखण्ड सरकार ने एकल (निराश्रित), परित्यक्ता एवं विधवा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना के तहत आवेदन आमंत्रित किए हैं। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित इस योजना के माध्यम से पात्र महिलाओं को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना की शुरुात विशेष रूप से राज्य की उन महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए की गयी है, जो अकेले अपने जीवन की जिम्मेदारी संभाल रही हैं।
लोन और सब्सिडी का सपोर्ट
जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र थपलियाल ने बताया कि योजना के तहत महिलाओं को उनकी आवश्यकता एवं रुचि के अनुरूप विभिन्न क्षेत्रों में स्वरोजगार या व्यवसाय स्थापित करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इससे महिलाएं अपने निवास क्षेत्र में ही रोजगार के अवसर प्राप्त कर आर्थिक रूप से सशक्त बन सकेंगी। इस योजना की खास बात यह है कि इसमें 75 फीसदी तक की भारी सब्सिडी सरकार दे रही है और लाभार्थी को सिर्फ 25 फीसदी अंशदान ही लगाना होता है। उन्होंने बताया कि योजना से संबंधित पात्रता, दिशा-निर्देश एवं आवेदन पत्र का प्रारूप विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध है। इसके अलावा इच्छुक महिलाएं जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय अथवा संबंधित बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय से भी विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकती हैं।
योजना के आवेदन 14 अगस्त तक स्वीकार्य किये जायेंगे
योजना के लिए आवेदन 14 अगस्त 2026 को सायं 5 बजे तक केवल पंजीकृत डाक के माध्यम से संबंधित जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय में स्वीकार किए जाएंगे। निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त अथवा अपूर्ण आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। योजना के फार्म और विस्तृत गाइडलाइन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट wecduk.in पर उपलब्ध करा दी गयी है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि योजना के अंतर्गत प्राप्त प्रस्तावों के चयन अथवा निरस्तीकरण का अंतिम निर्णय निदेशक एवं उपाध्यक्ष, उत्तराखण्ड महिला एवं बाल विकास समिति, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के स्तर पर लिया जाएगा। उन्होंने पात्र महिलाओं से समय पर आवेदन कर योजना का लाभ उठाने की अपील की।
पात्रता की शर्तें
उत्तराखंड की मूल निवासी/स्थाई निवासी होनी चाहिए। आयु सीमा 21 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इसके दायरे में विधवा, परित्यक्ता, तलाकशुदा, निराश्रित, किन्नर, अपराध व एसिड हमले में पीड़ित एकल महिलाएं और 40 वर्ष से अधिक आयु की अविवाहित महिलाएं आती हैं। पारिवारिक वार्षिक आय 72,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए।
किन कामों के लिए मिल सकता है पैसा
कृषि, बागवानी और हर्बल खेती, पशुपालन, भेड़-बकरी पालन, मत्स्य पालन या कुक्कुट पालन, ब्यूटी पार्लर, सिंचाई-कढ़ाई, टेलरिंग शाप, होम स्टे, कैटरिंग/रेस्टोरेंट से जुड़े छोटे व्यवसाय।



