
देहरादून, 25 मई। वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआई) पर्यटकों और आगंतुकों के लिए फिर से खुलेगा। इसे चार महीने पहले सुरक्षा कारणों से बंद कर दिया गया था। संस्थान ने सामान्य प्रवेश और संग्रहालय के लिए शुल्क में वृद्धि की गई है। पैदल भारतीय नागरिकों के लिए अब प्रवेश शुल्क सौ रुपये निर्धारित किया गया है। सुरक्षा कारणों और आंतरिक व्यवस्थाओं के चलते संस्थान प्रशासन ने पिछले कुछ समय से बाहरी लोगों और पर्यटकों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा रखा था, जिससे यहां आने वाले सैलानियों को लगातार मायूस होकर लौटना पड़ रहा था।
प्रवेश शुल्क में भारी बदलाव
पर्यटकों के लिए प्रति व्यक्ति प्रवेश शुल्क 100 रुपये कर दिया गया है, जबकि पहले यह केवल 20 रुपये मात्र था, जबकि विदेशी पर्यटकों के लिए यही शुल्क 1000 रुपये प्रति व्यक्ति रखा गया है। बिना अनुमति प्रवेश पर एक हजार रुपये दंड का भी प्राविधान है। इसके अलावा संग्रहालय में प्रवेश के लिए भारतीयों को 150 रुपये का अतिरिक्त शुल्क देना होगा। विदेशी नागरिकों के लिए प्रवेश शुल्क एक हजार रुपये रखा गया है। संग्रहालय में जाने के लिए विदेशी नागरिकों को डेढ़ हजार रुपये अतिरिक्त चुकाने होंगे। जबकि स्कूली बच्चों को 30 रुपये और कालेज छात्रों को 50 रुपये प्रति छात्र वहन करना होगा। ।
ऑटो रिक्शा का पार्किंग शुल्क 100 रुपये और बस या ट्रक का तीन सौ रुपये और टूह्वीलर का 50 रुपये रखा गया है। एफआरआई की प्रभारी निदेशक ऋचा मिश्रा ने बताया कि पर्यटकों के प्रवेश शुल्क में बढ़ोतरी की गई है। संस्थान को 16 जनवरी 2026 को सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर बंद किया गया था। यह बंद अगले आदेश तक के लिए था, जो अब समाप्त हो गया है।



