तुंगनाथ-चोपता में अचानक आये आंधी-तूफान से लखनऊ के दो सगे भाइयों की मौत, दो अन्य घायल

रुद्रप्रयाग/चमोली, 29 मई। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन एवं धार्मिक स्थल तुंगनाथ-चोपता क्षेत्र में अचानक बदले मौसम ने भारी तबाही मचा दी. तेज आंधी, तूफान और प्रतिकूल मौसम के चलते क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. कई यात्रियों और स्थानीय लोगों के फंसने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, राहत एवं बचाव एजेंसियों ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए युद्धस्तर पर रेस्क्यू अभियान शुरू किया. वहीं, घटना में दो सगे भाइयों की मौत हो गई.
तुंगनाथ-चोपता क्षेत्र में अचानक बिगड़ा मौसम
दरअसल, रुद्रप्रयाग जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र रुद्रप्रयाग को शुक्रवार यानी 29 मई की शाम करीब 4:17 बजे डायल 112 के माध्यम से एक सूचना मिली थी. जिसमें बताया गया कि तुंगनाथ-चोपता क्षेत्र में अचानक आए तेज तूफान और खराब मौसम के कारण कई लोग रास्तों में फंस गए हैं. सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और तत्काल डीडीआरएफ, एसडीआरएफ और एंबुलेंस सेवा की टीमों को मौके के लिए रवाना किया गया.
घायलों को भेजा गया अस्पताल
दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र और लगातार बिगड़ते मौसम के बीच राहत एवं बचाव दलों ने साहस और तत्परता का परिचय देते हुए रेस्क्यू अभियान चलाया. डीडीआरएफ टीम ने दो गंभीर घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर विभागीय वाहन के माध्यम से एंबुलेंस तक पहुंचाया, जिसके बाद घायल को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ऊखीमठ भेजा गया.
लखनऊ के दो सगे भाइयों की मौत
घटना में लखनऊ निवासी दो सगे भाइयों अभिषेक वाजपेई और अभिनव वाजपेई पुत्र सजीत वाजपेई की मौत हो गई. वहीं, लखनऊ निवासी राजन मिश्रा और उन्नाव निवासी शुभम शुक्ला घायल हो गए, जिनका उपचार किया गया. ऊखीमठ थाना प्रभारी मनोज नेगी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि तेज तूफान और अचानक बदले मौसम के कारण यह हादसा हुआ. मृतकों के शवों को आवश्यक कार्रवाई के लिए जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग भेजा गया है.
मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. यात्रियों और पर्यटकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें. प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें.
– नंदन सिंह रजवार, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, रुद्रप्रयाग
चमोली के नारायणबगड़ में तेज बारिश से उफान पर आया केवर गदेरा: चमोली जिले में दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट बदल ली. तेज गर्जना और बिजली चमकने के साथ शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने जहां भीषण गर्मी से लोगों को राहत दी, तो वहीं नारायणबगड़ बाजार से होकर बहने वाला केवर गदेरा अचानक उफान पर आ गया.
गदेरे में अचानक बढ़े पानी से लोगों में दहशत का माहौल
बारिश इतनी तेज थी कि कुछ ही देर में गदेरे का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा और उसका मटमैला पानी पिंडर नदी तक पहुंच गया. अचानक बढ़े पानी को देखकर बाजार और आसपास मौजूद लोगों में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया. हालांकि, किसी प्रकार के नुकसान या अप्रिय घटना की सूचना नहीं है. स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस तेजी से गदेरे का पानी बढ़ा, उससे ऐसा महसूस हुआ मानो बरसात का मौसम समय से पहले ही शुरू हो गया हो. मौसम में आए इस बदलाव से जहां लोगों ने गर्मी से राहत की सांस ली, वहीं लगातार धधक रहे जंगलों की आग भी काफी हद तक शांत हो गई है.



