
देहरादून, 22 मई। अगर आप ऑनलाइन दवाइयों का ऑर्डर कर मंगवाते हैं तो सावधान होने की जरूरत है. क्योंकि ऑनलाइन दवा के नाम पर नकली दवा बेचने वाला गिरोह सक्रिय है. एसटीएफ ने ऐसे ही एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है. गिरोह पर कार्रवाई करते हुए थाना साइबर पुलिस स्टेशन, एसटीएफ देहरादून में मुकदमा दर्ज कराया गया है. दो सदस्यों जतिन सैनी और गौरव त्यागी को गिरफ्तार किया गया है. गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों की जानकारी की जा रही है.
यूपी, दिल्ली, पंजाब, चंडीगढ़, बिहार तक फैला है नेटवर्क
ये गिरोह ब्रांडेड दवा कंपनियों की ऑनलाइन नकली दवाइयां बिहार, यूपी, दिल्ली, चंडीगढ़, पंजाब और उत्तराखंड आदि राज्यों में बिना लाइसेंस के बेच रहा था. गिरोह के सदस्य फर्जी सिम के जरिए एक दूसरे से संपर्क में रहते थे. इसके साथ ही एनडीपीएस कंट्रोल दवाइयां भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बेची जा रही थीं. यह वो दवाइयां होती हैं जो नशे के रूप में दुरुपयोग हो सकी हैं और केवल मेडिकल स्टोर पर डॉक्टर के पर्चे पर ही दी जा सकती हैं.
बता दें कि, नकली दवाइयों के कारोबार में शामिल गिरोह के सदस्यों पर कार्रवाई के लिए एसटीएफ एक टीम बनाकर पिछले दो महीने से जानकारी जुटा रही थी. इसी कड़ी में एसटीएफ को सूचना मिली कि कुछ बड़ी दवा कंपनियों के नाम पर एक संगठित गिरोह आनलाइन नकली दवाइयां बेच रहा है.
जांच के दौरान पाया गया कि एसके हेल्थ केयर फेसबुक पेज पर फर्जी तरीके से ब्रांडेड दवा कंपनी के नकली प्रोडक्ट्स बेचे जा रहे थे. फेसबुक पेज एसके हेल्थ केयर में ब्रांडेड कंपनी के प्रोडक्ट्स की तस्वीर डालकर उनको आधे से भी कम दाम में बेचा जाता था. ब्रांडेड दवा कंपनियों के पैकिंग मटेरियल की कॉपी कर उसमें नकली दवा बनाकर ऑनलाइन बेची जा रही थी.
कोटद्वार के सिडकुल में भी बनती थी नकली दवा
गैंग के गिरफ्तार सदस्य गौरव त्यागी ने बताया कि रुड़की में उसकी दवा फैक्ट्री थी, जो नकली दवा बनाने में पकड़ी गई थी. आजकल वह अपने रिश्ते के भाई मयंक उर्फ मोंटी के साथ मिलकर भगवानपुर हरिद्वार क्षेत्र में अलग-अलग ब्रांडेड दवा कंपनी के नाम से नकली दवाई बना रहे थे और कोटद्वार सिडकुल एरिया में भी नकली दवाई बनवाई थी. उसकी फैक्ट्री दो साल से बंद पड़ी है. जब दवा बनानी होती है तभी इसको खोलते हैं. बनाई गई नकली दवा को वह एसके हेल्थ केयर फेसबुक पेज और अन्य व्यक्तियों के माध्यम से ऑनलाइन बेचते थे.

एसटीएफ द्वारा कोटद्वार में स्थित बंद कंपनी को सीज करने की कार्रवाई की जा रही है, साथ ही फॉरेंसिक टीम को भी भेजा गया है. सूचना के आधार पर रुड़की और कोटद्वार में दोनों कंपनी में एसटीएफ टीम और संबंधित ड्रग विभाग द्वारा कार्रवाई की जा रही है. टीम अपने साथ फैक्टरी में मिली दवाइयों के सैंपल व दवाइयां बनाने की डाई को अपने साथ ले गई है। साथ ही फैक्टरी को सील कर दिया गया है।
फेसबुक पेज एसके हेल्थकेयर के माध्यम से बेची जा रही नकली दवाइयों को एसटीएफ ने काल्पनिक नाम से मंगाया गया तो आरोपी ने 1- Gudcef Plus मेडिसिन के (22 बॉक्स), मैनकाईन्ड कंपनी, 2- Tydol 100 मेडिसन के (10 बॉक्स) सनफार्मा कंपनी की नकली दवाइयां कुरियर के माध्यम से गया और वाराणसी से देहरादून भेजी गई थी. नकली दवाइयों से संबंधित 3 अन्य मुकदमे आरोपी गौरव त्यागी के खिलाफ हरिद्वार, देहरादून और महाराष्ट्र में दर्ज हैं. अन्य जनपद और राज्यों से भी जानकारी एकत्र की जा रही है. जांच के दौरान एसके हेल्थ केयर नामक फेसबुक पेज के जरिये Sun Pharma, Glenmark, Zydus, Mankind, Torrent और Macleods जैसी कंपनियों के नाम पर नकली दवाइयां आधे से कम दाम में बेची जा रही थीं। गिरोह उत्तराखंड समेत बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब और चंडीगढ़ में सक्रिय था।
अजय सिंह, एसएसपी, एसटीएफ
पुलिस की आम जनता से अपील
बिना बिल के दवाइयां न खरीदें और बिल में दवाइयों का बैच नंबर जरूर चेक करें.
एमआरपी से ज्यादा छूट मिलने के लालच में नकली दवाइयां न खरीदें.
अपने मोटे मुनाफे के लालच में किसी भी अज्ञात ऑनलाइन प्लेटफार्म से या किसी भी अनजान व्यक्ति से बिना सत्यापन व जांच पड़ताल के दवाईयां न खरीदें.
अपने क्षेत्र के सम्मानित और विश्वनीय थोक विक्रेता से ही दवाईयां खरीदें.
अनजान व्यक्तियों से दवा खरीदना किसी न किसी व्यक्ति के जीवन पर भारी पड़ता है. ऐसी दवा खरीदना व बेचना अपराध की श्रेणी में आता है.
यदि किसी व्यक्ति को नकली दवा बेचने, किसी व्यक्ति या ऑनलाइन प्लेटफार्म की जानकारी होती है तो ड्रग विभाग और एसटीएफ को सूचित करें.
एसटीएफ संपर्क नंबर- 0135-2656202, 9412029536 (सूचना देने वाला का नाम गोपनीय रहेगा).



