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बेटियों ने तोड़ा IMA का चक्रव्यूह, NDA से IMA तक कठिन सफर तय कर पासआउट हुए 9 महिला अधिकारी

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देहरादून, 13 जून। भारतीय सेना के लिए आज शनिवार का दिन ऐतिहासिक रहा. आईएमए की पासिंग आउट परेड में एनडीए की पहले महिला बैच की 9 महिला कैडेट भारतीय थल सेना में अफसर के रूप में शामिल हो गईं. खुशी की बात ये है कि आज ही हैदराबाद के डुंडीगल स्थित भारतीय वायुसेना अकादमी से 5 महिला कैडेट्स ने वायुसेना में कमीशन प्राप्त किया है. ऐसे में एक ही दिन भारतीय सेनाओं को 14 महिला अफसर मिली हैं. राष्ट्रपति ने इस पर गर्व जताया.

आईएमए की ऐतिहासिक पासिंग आउट परेड
शनिवार को देहरादून स्थित आईएमए में हुई पासिंग आउट परेड में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं. उन्होंने पासिंग आउट परेड की समीक्षा की और बेस्ट ऑफिसर कैडेट को मेडल प्रदान कर सम्मानित किया. ये देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी में 158वें रेगुलर कोर्स और 141वें टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स की पासिंग आउट परेड थी.

आईएमए से पहली बार पास आउट हुईं महिलाएं
भारतीय सेना और देश की महिलाओं के लिए आज की पीओपी गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक पल लेकर आई. एनडीए के पहले महिला बैच की कैडेट्स आज अफसर बनकर पास आउट हुईं और भारतीय सेना में शामिल हो गईं. दरअसल इससे पहले एनडीए में महिलाओं को प्रवेश नहीं मिलता था. जून 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने जो ऐतिहासिक फैसले दिया उसके बाद महिलाओं को एनडीए में प्रवेश मिला था. अब भारतीय सेना के सशस्त्र बलों में भी महिलाएं मुख्य भूमिका निभाएंगी. 1 अक्टूबर 1932 को IMA की स्थापना हुई थी, तब से लेकर अब तक 94 वर्षों के इतिहास में पहली बार 9 महिला कैडेट्स सेना अधिकारी बनी हैं.

9 महिलाओं के पास आउट होने को राष्ट्रपति ने बताया उपलब्धि
आईएमए की पासिंग आउट परेड में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुईं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस उपलब्धि पर गर्व जताया. उन्होंने इसे देश की प्रगति का अहम हिस्सा बताया. परेड को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि यह पल केवल सशस्त्र सेनाओं के इतिहास में मील का पत्थर नहीं है, बल्कि भारत के महिला-नेतृत्व वाले विकास की दिशा में एक बेहद प्रेरक उदाहरण है.

राष्ट्रपति ने युवा अफसरों को नेतृत्व का असली अर्थ समझाया
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने युवा अधिकारियों को नेतृत्व का वास्तविक अर्थ समझाते हुए कहा कि लीडरशिप सिर्फ कमान संभालने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह चरित्र, करुणा और पूर्ण प्रतिबद्धता का प्रतीक है.

तकनीक के जमाने में नई चुनौतियों के लिए रहें तैयार
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भविष्य की चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि आज का वैश्विक परिदृश्य और युद्ध के तौर-तरीके तेजी से बदल रहे हैं. ऐसे में भारतीय सेना को नई तकनीकों और उभरती सुरक्षा चुनौतियों का डटकर सामना करने के लिए हमेशा भविष्य के लिए तैयार रहना होगा. उन्होंने युवा अफसरों से आजीवन नई चीजें सीखते रहने, इनोवेशन को अपनाने और नैतिक मूल्यों पर आधारित नेतृत्व क्षमता विकसित करने का आह्वान किया.

नव नियुक्त सैन्य अफसरों को आईएमए के आदर्श वाक्य याद दिलाए
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नव नियुक्त सैन्य अफसरों को आईएमए के आदर्श वाक्य ‘वीरता और विवेक’ को अपने जीवन और आचरण में आत्मसात करने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि सफलता मिलने पर हमेशा विनम्र रहें. मुश्किल से मुश्किल वक्त में भी अपने इरादे दृढ़ रखें, यही वो मार्ग है, जिससे आप भारतीय सेना और देश की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकेंगे.

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