
देहरादून, 26 जून। पंजाब से पहुंचे करीब 200 निहंगों के जत्थों ने शुक्रवार को भी पूरे दिन उत्तराखंड-हिमाचल की पांवटा साहिब-कुल्हाल सीमा पर जमकर हंगामा किया। देहरादून में प्रवेश की कोशिश कर रहे निहंग सिखों को लेकर पुलिस-प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा और कई घंटे तक सीमा सील रही।
देर शाम देहरादून व हिमाचल प्रदेश के पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों की पांवटा गुरुद्वारा में करीब तीन घंटे तक चली कई दौर की वार्ता में निहंगों की ओर से चार मांगें रखी गईं। निहंग कर्णप्रयाग में गिरफ्तार निहंगों की रिहाई समेत मुकदमा दर्ज करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। उन्होंने उत्तराखंड सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। गुरुवार रात हुए बवाल, जबरन देहरादून सीमा में घुसने और कानून-व्यवस्था खराब करने के आरोप में पुलिस ने कुल्हाल चौकी में 150-200 अज्ञात निहंगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है।
विवाद की मुख्य वजह कर्णप्रयाग की घटना
16 जून को हेमकुंड साहिब की यात्रा पर जा रहे चार निहंगों का पार्किंग को लेकर चमोली जिले के कर्णप्रयाग के नगरासू के स्थानीय होटल संचालक से विवाद हो गया था। मारपीट में चार स्थानीय लोगों के जख्मी होने पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर चारों निहंगों को गिरफ्तार कर लिया था। जिनमें से तीन चमोली जेल में हैं तथा एक घायल का AIIMS में इलाज चल रहा है। निहंग संगठनों का आरोप है कि पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई की है।
पांवटा-कुल्हान बार्डर पर हाई वोल्टेज ड्रामा के बाद स्थिति नियंत्रण में
गुरुवार को वे पांवटा साहिब पहुंचे व पूरे दिन कुल्हाल सीमा पर हंगामा किया, लेकिन देर रात पुलिस को चकमा देकर वह देहरादून में घुस गए। शहर में देर रात तक पुलिस नाकेबंदी कर उनकी तलाश करती रही। हालांकि, देर रात करीब ढाई बजे पुलिस ने सभी निहंगों को पकड़कर पांवटा सीमा तक छोड़ दिया था। शुक्रवार सुबह निहंग फिर दून में प्रवेश करने के लिए अड़ गए। जिलाधिकारी डा. आशीष चौहान और एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल ने सीमा पर पहुंचकर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कानून-व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
पंजाब के निहंगों ने ये रखी चार मांगें
निहंगों ने गिरफ्तार चारों निहंगों की तत्काल रिहाई, घायल निहंग के बेहतर उपचार, मुकदमा दर्ज करने वाले व लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और निहंग प्रतिनिधियों को कर्णप्रयाग जाकर गिरफ्तार निहंगों से मिलने की अनुमति की मांगें रखी। जिनमें से गिरफ्तार निहंगों से मिलने की अनुमति दे दी गई। अन्य मांगों के लिए देहरादून पुलिस-प्रशासन ने दो दिन का समय मांगा। निहंगों ने अल्टीमेटम दिया कि यदि मांग पूरी न हुई तो रविवार शाम को वह उत्तराखंड की सीमा में बैरियर तोड़कर घुस जाएंगे।
कुल्हान बार्डर छावनी में तब्दील
फिलहाल निहंगों का यह जत्था अल्टीमेटम की अवधि तक पांवटा साहिब गुरुद्वारे में ही रुका हुआ है। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए कुल्हान और आसपास के सीमावर्ती क्षेत्रों में भारी संख्या में पुलिस बल और आईटीबीपी के जवान तैनात हैं और प्रशासन लगातार स्थिति पर नज बनाये हुए है।
शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। हर गतिविधि पर पैनी नजर है। सीमा क्षेत्र सहित सभी संभावित प्रवेश मार्गों पर प्रभावी नाकेबंदी की गई है। निहंगों ने जो मांगें रखी हैं, उन पर शासन निर्णय शासन स्तर से होना है।
-डा. आशीष चौहान, जिलाधिकारी, देहरादून



