
रुद्रप्रयाग, 26 जून। केदारनाथ धाम के लिए संचालित होने वाली हेली सेवाओं को फिलहाल 30 जून तक स्थगित कर दिया गया है। अब वर्षाकाल के मौसम में सेवाओं का संचालन जारी रहेगा या नहीं, इसका अंतिम निर्णय 29 जून को होने वाली नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) की बैठक के बाद लिया जाएगा। इस निर्णय का इंतजार हेली कंपनियों के साथ-साथ उन हजारों श्रद्धालुओं को भी है, जो हवाई मार्ग से बाबा केदार के दर्शन की योजना बना रहे हैं।
रोक लगाने की मुख्य वजह प्री मानसून और मानसून का खतरा
केदारघाटी में लगातार हो रही बारिश, कोहरा और खराब मौसम के कारण उड़ानों के लिए विजिबिलिटी बेहद कम हो जाती है। इसलिए सुरक्षा कारणों को प्राथमिकता देते हुए DGCA ने 25 जून के बाद हेली सेवा के संचालन पर फिलहाल रोक लगा दी है। हर वर्ष सामान्यतः जून के अंतिम सप्ताह तक केदारनाथ के लिए नियमित हेली सेवाओं का पहला चरण समाप्त हो जाता है। हालांकि पिछले तीन वर्षों से मानसून के दौरान भी सीमित स्तर पर हेली सेवाओं का संचालन जारी रखा गया था, लेकिन इस वर्ष वर्षाकाल में सेवाओं के संचालन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा की योजना बनाने से पहले Uttarakhand Tourism या आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर हेलीकॉप्टर सेवाओं की ताजा स्थिति (Helicopter Status) जरूर जांच लें।
फाटा से हटाए गए हेलीकॉप्टर
हेली आपरेटरों के अनुसार फिलहाल अधिकांश हेलीकाप्टरों को फाटा और केदारघाटी से हटा दिया गया है। यदि जुलाई से सेवाएं जारी रखनी होतीं तो आमतौर पर अब तक आगामी चरण की आनलाइन टिकट बुकिंग शुरू हो जाती, लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई घोषणा नहीं हुई है। इससे यह माना जा रहा है कि वर्षाकाल में सेवाओं के संचालन पर अंतिम निर्णय डीजीसीए की बैठक के बाद ही लिया जाएगा।
मौसम देख तय होगी रणनीति
हिमालयन हेली के प्रतिनिधियों का कहना है कि यूकाडा (उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण) की ओर से कंपनियों को फिलहाल 30 जून तक सेवाएं स्थगित रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद मौसम, सुरक्षा मानकों और तकनीकी पहलुओं की समीक्षा के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
एहतियातन रोकी गई हेली सेवा
हालांकि इस बार मानसून अभी पूरी तरह सक्रिय नहीं हुआ है, फिर भी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सेवाओं पर अस्थायी रोक लगाई गई है। वहीं हेली सेवा के नोडल अधिकारी राहुल चौबे ने बताया कि केदारनाथ धाम के लिए 30 जून तक हेली सेवाएं स्थगित हैं। यूकाडा के अधिकारियों के अनुसार मानसून सीजन समाप्त होने के बाद सितम्बर 26 से केदारनाथ हेली सेवायें एक बार फिर से बहाल कर दी जायेंगी।
पैदल और डंडी-कंडी के सहारे यात्रा जारी
हेली सेवा बंद होने का मतलब यह नहीं कि केदारनाथ यात्रा रुक गयी है। तीर्थयात्री सोनप्रयाग और गौरीकुंड से पैदल, घोड़े-खच्चरों या डंडी कंडी के जरिये अपनी यात्रा जारी रख सकते हैं। हालांकि प्रशासन ने सभी यात्रियों को सलाह दी है कि वे मौसम विभाग की जानकारी के बाद ही केदारघाटी की तरफ आगे बढ़ें।



