
देहरादून, 24 जुलाई, 26. उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (UTU) के परीक्षा पेपर लीक मामले में गिरफ्तार असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आशीष कुमार गुप्ता को लेकर जांच जारी है. पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि प्रोफेसर गुप्ता पिछले करीब 16 सालों से उत्तराखंड के अलग-अलग इंजीनियरिंग कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत रहे और इस दौरान कई बार विश्वविद्यालय की परीक्षाओं के लिए प्रश्नपत्र तैयार करने की जिम्मेदारी भी निभाई.
जांच एजेंसियों को आशंका है कि वर्तमान मामले से पहले भी कुछ परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए हो सकते हैं. इसी वजह से वर्ष 2010 से अब तक आयोजित कई परीक्षाएं जांच के दायरे में आ गई हैं.
DIT, JBIT, Uttranchal Univ और शिवालिक कालेज में रह चुका है प्रोफेसर
दून पुलिस के अनुसार, डॉ. आशीष कुमार गुप्ता ने मार्च 2010 से जुलाई 2013 तक DIT यूनिवर्सिटी, अगस्त 2013 से सितंबर 2018 तक JBIT संस्थान, सितंबर 2018 से जुलाई 2019 तक उत्तरांचल यूनिवर्सिटी और जुलाई 2019 से जुलाई 2026 तक शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में सेवाएं दी. जांच में यह भी सामने आया है कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई बार UTU की विभिन्न परीक्षाओं के प्रश्नपत्र तैयार किए.
आरोपी के मोबाइल, लैपटाप, ई-मेल, व्हाट्सएप चैट खंगाल ही पुलिस
पुलिस का मानना है कि वर्ष 2019 में शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से जुड़ने के बाद उनकी भूमिका परीक्षा संबंधी कार्यों में और अधिक महत्वपूर्ण हो गई थी. अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि उन्होंने किन-किन परीक्षाओं के प्रश्नपत्र तैयार किए और क्या पहले भी किसी परीक्षा की गोपनीयता भंग हुई थी. मामले की तह तक पहुंचने के लिए पुलिस डॉ. गुप्ता के मोबाइल फोन, लैपटॉप, ई-मेल, व्हाट्सएप चैट और अन्य डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच करा रही है.
नियमानुसार नोटिस जारी करने के बाद उन्हें बर्खास्त कर दिया गया है. परीक्षा नियंत्रक की डा. विनय कुमार पटेल की तहरीर पर प्रेमनगर थाने में BNS की धारा 316, 318(4) और 61(2) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय ने भी सख्त कार्रवाई करते हुए डॉ. गुप्ता को अगले सात वर्षों तक विश्वविद्यालय की सभी परीक्षा संबंधी गतिविधियों से प्रतिबंधित कर दिया है.
-प्रोफेसर टीएस सिद्धू, निदेशक, शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग
UTU के परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनय कुमार पटेल की लिखित शिकायत पर प्रेमनगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया. शिकायत में बताया गया था कि 7 और 8 जुलाई को आंतरिक परीक्षाओं के लिए जो प्रश्नपत्र निर्धारित था, उसमें प्रोफेसर नियुक्त किया गया था. उनके द्वारा परीक्षाओं की गोपनीयता को भंग करते हुए प्रश्नपत्र को कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से प्रश्नपत्र लीक किया गया. जैसे ही मामला संज्ञान में आया थाना प्रेमनगर प्रभारी ने मुकदमा दर्ज करते हुए और संबंधित जांच रिपोर्ट को लेकर मुख्य आरोपी डॉ. आशीष कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है. मामले में ओर भी कोई शामिल है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.
– प्रमेंद्र डोबाल, एसएसपी देहरादून



