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फीफा वर्ल्ड कप में 4 बार की चैंपियन जर्मनी को इक्वाडोर ने रौंदा, राष्ट्रपति ने दिया एक दिन का राष्ट्रीय अवकाश

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नई दिल्ली, 26 जून। इक्वाडोर ने फुटबॉल इतिहास का सबसे बड़ा उलटफेर करते हुए फीफा वर्ल्ड कप 2026 के नॉकआउट चरण में प्रवेश कर लिया है। न्यूयॉर्क में खेले गए ग्रुप-ई के एक बेहद रोमांचक मुकाबले में इक्वाडोर ने चार बार की चैंपियन जर्मनी को 2-1 से शिकस्त दी। इस ऐतिहासिक कामयाबी के बाद पूरे देश में जश्न का माहौल है। देश की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर गर्व जताते हुए राष्ट्रपति डैनियल नोबोआ ने शुक्रवार को नेशनल हॉलिडे की घोषणा कर दी।

इक्वाडोर की शानदार वापसी
इस मुकाबले से पहले इक्वाडोर की राह बेहद कठिन मानी जा रही थी क्योंकि टीम को आइवरी कोस्ट से 1-0 की हार झेलनी पड़ी थी और कुराकाओ के खिलाफ मुकाबला गोलरहित ड्रॉ रहा था। मजबूत जर्मनी के खिलाफ टीम को कमतर आंका जा रहा था लेकिन आलोचनाओं और खराब फॉर्म के दबाव को पीछे छोड़ते हुए मुख्य कोच सेबेस्टियन बेकासेस के मार्गदर्शन में खिलाड़ियों ने मैदान पर कमाल कर दिया।

राष्ट्रपति नोबोआ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर टीम की इस जुझारू भावना की सराहना करते हुए लिखा, ‘उन खिलाड़ियों और कोच का धन्यवाद, जिन्होंने तमाम आलोचनाओं, अपमान और कठिन समय से गुजरने के बावजूद शानदार वापसी की और पूरे देश को यह असीम खुशी दी। कल देश में छुट्टी रहेगी! इक्वाडोर अमर रहे।’

मैच के शुरुआत जर्मनी को मिली थी बढ़त
मैच की शुरुआत हालांकि जर्मनी के पक्ष में रही जब फ्लोरियन विर्ट्ज के पास पर लेरॉय साने ने शानदार फिनिशिंग करते हुए गेंद को नेट में डाल दिया और जर्मनी को 1-0 की शुरुआती बढ़त दिला दी। इस गोल पर थोड़ा विवाद भी हुआ क्योंकि इक्वाडोर के खिलाड़ियों ने दावा किया कि गोल के बिल्ड-अप के दौरान अलेक्सांद्र पावलोविच का पैर पेड्रो विटे पर बहुत ऊंचा लगा था जो कि एक फाउल था। बहरहाल, इस शुरुआती झटके से टूटने के बजाय इक्वाडोर ने अधिक आक्रामकता दिखाई और महज नौवें मिनट में ही नीलसन एंगुलो ने मिडफील्ड से मिले एक पास का फायदा उठाते हुए लंबी दूरी से एक दनदनाता हुआ शॉट दागा, जिसने दिग्गज गोलकीपर मैनुअल नोएर को छकाते हुए स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया।

2-1 से दर्ज की जीत
मैच का निर्णायक क्षण 77वें मिनट में आया, जब राइट फ्लैंक से मिली कॉर्नर किक पर केविन रोड्रिगेज ने एक बेहतरीन हेडर के जरिए गेंद को गोलपोस्ट के सामने फ्लिक किया। वहां मुस्तैद खड़े गोंजालो प्लाटा ने पलक झपकते ही गेंद को नेट के भीतर धकेल कर स्कोर 2-1 कर दिया। इसके बाद अंतिम पलों और इंजरी टाइम के सात मिनटों में जर्मनी ने बराबरी के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन इक्वाडोर के डिफेंस ने चट्टान की तरह डटकर अपनी बढ़त को बरकरार रखा।

यह ऐतिहासिक जीत इक्वाडोर के फुटबॉल इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय की तरह दर्ज हो गई है। यह केवल दूसरा मौका है जब इक्वाडोर ने विश्व कप के ग्रुप स्टेज की बाधा को पार कर नॉकआउट में कदम रखा है। इससे पहले उन्होंने साल 2006 में यह कारनामा किया था।

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