पौड़ी गढ़वाल, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ के DM रहे आशीष चौहान के कंधों पर अब देहरादून की जिम्मेदारी

देहरादून, 23 मई। उत्तराखंड सरकार ने राजधानी देहरादून की कमान अब तेज-तर्रार और जमीनी कार्यशैली वाले आइएएस अधिकारी आशीष चौहान को सौंप दी है। चौहान को देहरादून का नया जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार आईएएस अधिकारियों के बंपर तबादले कर दिए गए हैं। इस तबादला सूची में कई बड़े बदलाव किए गए हैं
आशीष चौहान बने देहरादून के DM
प्रशासनिक सख्ती, जनसुनवाई और दूरदराज क्षेत्रों में सीधे पहुंचकर समस्याएं सुनने की शैली के कारण आशीष चौहान की पहचान राज्य के सक्रिय अधिकारियों में रही है। वह 2012 बैच के आइएएस अधिकारी हैं व मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले हैं। उन्होंने इतिहास में उच्च शिक्षा के साथ पीएचडी भी की है। देहरादून जिलाधिकारी सविन बंसल को अब नियोजन की जिम्मेदारी मिली है. आनंद स्वरूप को गढ़वाल कमिश्नर बनाया गया है. .
पौड़ी, पिथौरागढ़ और उत्तरकाशी तक बनाई अलग पहचान
आशीष चौहान इससे पहले पौड़ी, पिथौरागढ़ और उत्तरकाशी जैसे संवेदनशील जिलों में जिलाधिकारी की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। वर्ष 2025 में उन्हें पौड़ी डीएम पद से हटाकर यूकाडा (यूकाडा) का सीईओ और खेल एवं युवा कल्याण विभाग का निदेशक बनाया गया था। पौड़ी में उनके कार्यकाल की सबसे ज्यादा चर्चा दूरस्थ गांवों में देर रात पहुंचकर जन समस्याएं सुनने को लेकर हुई थी। स्थानीय स्तर पर उनकी छवि ‘फील्ड में रहने वाले अफसर’ की रही।
आपदा प्रबंधन और फील्ड प्रशासन में अनुभव
उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ जैसे आपदा प्रभावित और सीमांत जिलों में काम करने का अनुभव भी चौहान के प्रशासनिक प्रोफाइल को मजबूत बनाता है। पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क, स्वास्थ्य, आपदा राहत और ग्रामीण विकास से जुड़े मामलों में उन्होंने कई मौके पर सक्रिय हस्तक्षेप किया। उनकी कार्यशैली को लेकर यह भी माना जाता रहा है कि वे केवल बैठकों तक सीमित रहने के बजाय मौके पर जाकर स्थिति देखने को प्राथमिकता देते हैं। वह अप्रैल-2021 से जून-2021 तक उत्तराखंड परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक भी रहे।
देहरादून में चुनौतियां कम नहीं
राजधानी दून में ट्रैफिक जाम, अतिक्रमण, अवैध प्लाटिंग, जलभराव, बढ़ता प्रदूषण, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की धीमी रफ्तार और कानून-व्यवस्था जैसी कई बड़ी चुनौतियां नए डीएम के सामने होंगी। इसके अलावा हाल में दून मेडिकल कालेज, अवैध निर्माण, भू-कानून व प्रशासनिक जवाबदेही जैसे मुद्दों पर भी सरकार और प्रशासन लगातार सवालों के घेरे में रहे हैं। ऐसे में आशीष चौहान की नियुक्ति को सरकार की ‘फील्ड कंट्रोल’ रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है।
गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय से छिनी जिम्मेदारी
सूची के अनुसार BVRC पुरुषोत्तम को अब सचिव उच्च शिक्षा बनाया गया है. बाकी पूर्व की जिम्मेदारियां भी उनके पास बनी रहेगी. इसके अलावा अबतक गढ़वाल कमिश्नर रहे विनय शंकर पांडे से उनकी यह जिम्मेदारी हटा दी गई है. उन्हें अब स्वास्थ्य और नागरिक उड्डयन सचिव के तौर पर जिम्मेदारी दी गई है. अब तक स्वास्थ्य और नागरिक उड्डयन की जिम्मेदारी देख रहे सचिन कुर्वे को प्रति नियुक्ति के लिए राज्य सरकार ने रिलीज कर दिया है.
संजय कुमार बने समाज कल्याण निदेशक
उधर संजय कुमार को समाज कल्याण विभाग में निदेशक बनाया गया है. इस अभिषेक रूहेला को मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीएमजीएसवाई की जिम्मेदारी दी गई है. सौरभ गहरवाल को अपर सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास के साथ निदेशक यूडीआरपी की जिम्मेदारी मिली है. सिडकुल के प्रबंध निदेशक की जिम्मेदारी भी उनके पास बनी रहेगी.
देहरादून नगर निगम का नगर आयुक्त बने आलोक कुमार पांडे
आलोक कुमार पांडे को देहरादून नगर निगम का नगर आयुक्त बनाया गया है. नमामि बंसल को अब अपर सचिव विद्यालय शिक्षा की जिम्मेदारी दी गई है. उधर संदीप तिवारी को गढ़वाल मंडल विकास निगम का एमडी बनाया गया है. इसके अलावा निदेशक एनएचएम की भी जिम्मेदारी उनके पास रहेगी. दीप्ति सिंह को अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में निदेशक, के साथ प्रबंध निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण निगम और खेल विभाग में निदेशक बनाया गया है. प्रतीक जैन को आयुक्त कर और महानिदेशक निबंधक की जिम्मेदारी दी गई है.अपूर्व पांडे को बागेश्वर का जिलाधिकारी बनाया गया है. उधर आकांक्षा कोडे को विद्यालय शिक्षा में महानिदेशक और कर्मचारी बीमा योजना का निदेशक बनाया गया है.



