
खटीमा, 24 मई। खटीमा की बेटी तिला सेन ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को फतह किया है. यह केवल उत्तराखंड ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है. भारत-तिब्बत सीमा पुलिस की पहली सर्व महिला पर्वतारोही टीम का हिस्सा बनी तिला ने कठिन चुनौतियों और बर्फीले रास्तों को पार करते हुए एवरेस्ट शिखर पर तिरंगा फहराकर इतिहास रच दिया. उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि से पूरे खटीमा क्षेत्र में खुशी और गौरव का माहौल है. बर्फीले तूफानों, हाड़ कंपा देने वाली ठंड और बहुत ही कम आक्सीजन को पार करते हुए उन्होंने यह अद्वितीय उपलब्धि अपने नाम की।
विश्व की सबसे ऊंची चोटी पर उत्तराखंड का गौरव
उत्तराखंड की बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं. इसी कड़ी में खटीमा की बेटी तिला सेन ने विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट फतह कर इतिहास रच दिया है. भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की पहली सर्व महिला पर्वतारोही टीम का हिस्सा बनकर तिला सेन ने कठिन चुनौतियों को पार करते हुए 8,848 मीटर ऊंची एवरेस्ट चोटी पर तिरंगा फहराकर पूरे उत्तराखंड और देश का गौरव बढ़ाया है. उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि से खटीमा क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है.
कठिन परिश्रम और ट्रेनिंग रही सफलता की कुंजी
खटीमा क्षेत्र के चारूबेटा गांव निवासी तिला सेन ने अपनी मेहनत, लगन और साहस के दम पर वह मुकाम हासिल किया है. जिसका सपना हर पर्वतारोही देखता है. साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाली तिला सेन ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय चारूबेटा से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज नैनीताल तथा उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से शिक्षा हासिल की. एवरेस्ट फतह करने से पहले उन्होंने हिमालय की कई अन्य कठिन चोटियों पर भी चढ़ाई कर खुद को इस महा अभियान के लिए तैयार किया था।
2021 में भर्ती हुई थी भारत-तिब्बत सीमा पुलिस में
2021 में SSC GD के माध्यम से भारत-तिब्बत सीमा पुलिस में चयनित हुई. इसके बाद वर्तमान में उनकी तैनाती 36वीं वाहिनी आईटीबीपी, लोहाघाट, चम्पावत में है. तिला सेन आईटीबीपी की पहली सर्व महिला एवरेस्ट अभियान टीम का हिस्सा बनीं. जिसने नेपाल के साउथ कोल रूट से विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर सफलतापूर्वक विजय प्राप्त की.
इस विशेष अभियान दल में 14 सदस्य थे शामिल
19 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली से शुरू हुए इस विशेष अभियान में कुल 14 सदस्य शामिल थे. जिनमें 11 महिला पर्वतारोही थीं. कठिन मौसम, बर्फीले तूफानों और चुनौतीपूर्ण रास्तों का सामना करते हुए टीम ने 21 मई 2026 को सुबह 6 बजकर 52 मिनट पर एवरेस्ट शिखर पर पहुंचकर तिरंगा फहराया.
उनकी यह सफलता राज्य के अन्य युवाओं और विशेषकर बेटियों को खेल और साहसिक खेलों adventure sports के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए एक नई प्रेरणा देगी।



