पेपर लीक और नकल पर लगाम लगाने के लिए RRB की परीक्षायें अब CBT की जगह TBT मोड में होंगी

नई दिल्ली, 13 जून। रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) की परीक्षाओं को लेकर रेल मंत्रालय ने बहुत बड़ा तकनीकी और प्रशासनिक बदलाव करने का फैसला किया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में यह निर्देश दिया गया आगामी रेलवे परीक्षाओं में CBT के स्थान पर TBT मोड का दायरा बढ़ाया जायेगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आरआरबी भर्ती प्रक्रियाओं में ज्यादा पारदर्शिता, सटीकता और तकनीक आधारित सिस्टम लागू करने पर जोर दिया है ताकि भर्तियों के काम में तेजी आए। समीक्षा बैठक के बाद उन्होंने बताया कि जल्द ही रेलवे की भर्ती परीक्षाएं TBT मोड में आयोजित की जाएंगी।
दरअसल, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेलवे के सीनियर अधिकारियों के साथ नई दिल्ली में समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को आधुनिक तकनीक का अधिक इस्तेमाल करने के निर्देश दिए। इसमें कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट (CBT) के बजाय TBT मोड में कराना भी शामिल है। रेल मंत्री ने कहा कि परीक्षाओं के लिए टीबीटी मोड का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा, जबकि विभागीय परीक्षाएं CBT (कंप्यूटर आधारित परीक्षा) मोड में होंगी।
TBT मोड क्या है? जो रेलवे भर्ती परीक्षा में होगा लागू
TBT मोड का फुल फॉर्म टैबलेट-बेस्ड टेस्ट है। यह एक ऐसा डिजिटल एग्जाम सिस्टम है, जिसमें उम्मीदवारों एग्जाम सेंटर पर कंप्यूटर की जगह टचस्क्रीन टैबलेट मिलेगा। क्वेश्चन पेपर टैबलेट पर खुलता है, जहां उम्मीदवार सवाल पढ़कर स्क्रीन पर टच करके जवाब चुनते हैं। उम्मीदवारों को हाथ में पकड़ने वाला टचस्क्रीन टैबलेट कया जाता है। क्वेश्चन पेपर पूरी तरह से एन्क्रिपेटेड (सेफ कोड) होते हैं, जो एग्जाम शुरू होने से कुछ मिनट पहले ही टैबलेट पर लोड होते हैं। पेपर लीक होने का रिस्क न के बराबर होता है। यह छोटा होता है, जिसे उम्मीदवार हाथ में पकड़ सकता है। इसमें झांककर पेपर देखने की गुंजाइश नहीं होती।
अब सभी विभागीय परीक्षाएं CBT (कंप्यूटर आधारित परीक्षा) के जरिए होंगी। रेलवे टैबलेट-आधारित टेस्टिंग का दायरा बढ़ाएगा।
अश्विनी वैष्णव, रेल मंत्री, भारत सरकार
रेलवे की परीक्षायें 15 भाषाओं में होती हैं आयोजित
बता दें कि हर साल लाखों उम्मीदवार रेलवे भर्ती परीक्षा देते हैं। परीक्षाएं 15 भाषाओं में आयोजित की जाती हैं। रेलवे के अनुसार, इतने बड़े स्तर पर निष्पक्षता और पारदर्शिता लाने के लिए मजबूत टेक्निकल सिस्मट और बेहतर तालमेल की जरूरत होती है। रेल मंत्री ने भर्ती बोर्ड को उम्मीदवारों और बाकी स्टेकहोल्डर्स से संपर्क बनाए रखने का निर्देश दिया है ताकि अगर को गलत जानकारी फैलती है तो उसे तुरंत सही किया जा सके और उम्मीदवारों का भरोसा भर्ती प्रक्रिया पर बना रहे।
भ्रम और अफवाहों पर लगेगी लगाम
रेल मंत्री ने रेलवे भर्ती बोर्डों को यह भी निर्देश दिया है कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों प फैलने वाली किसी भी गलत या भ्रामक जानकारी (जैसे फेक रिजल्ट या एग्जाम डेट्स) का तुरंत आधिकारिक और सही जानकारी के साथ जवाब दिया जाये, ताकि उम्मीदवारों का भरोसा व्यवस्था पर बना रहे।



